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कागजों में ही सिमटकर रह गया गदरपुर बस अड्डा

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गदरपुर के प्रेमनगर मोड़ के पास बस अड्डे के लिए चयनित जमीन। - फोटो : RUDRAPUR
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रुद्रपुर/गदरपुर। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय की विधानसभा क्षेत्र गदरपुर में प्रस्तावित बस अड्डा कागजों से धरातल नहीं उतर सका है। लंबे समय से स्थानीय जनता बस अड्डे की मांग कर रही है लेकिन अब तक निराशा ही हाथ लगी है। आलम यह है कि परिवहन निगम को बस अड्डा बनाने के लिए आवंटित तीन एकड़ जमीन अब पांच बीघा रह चुकी है। हालांकि मंडी परिषद की ओर से इस जमीन पर बस अड्डे के लिए पौने दो करोड़ रुपये की डीपीआर बनाई जा चुकी है।
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गदरपुर में बस अड्डे के लिए जिला प्रशासन ने सात जून 2012 को परिवहन विभाग को प्रेमनगर मोड़ के पास ग्राम अलखदेवी में 1.220 हेक्टेयर जमीन निशुल्क उपलब्ध कराई थी। गदरपुर से पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, यूपी जाने के लिए यात्रियों को हाइवे किनारे जगह-जगह खड़े होकर बसों का इंतजार करना पड़ता है। बस स्टैंड नहीं होने पर चालक बस नहीं रोकते हैं। क्षेत्रीय जन संघर्ष समिति के अध्यक्ष राकेश भुड्डी बंटी ने 17 अक्तूबर 2016 को भूख हड़ताल कर तत्कालीन सरकार से बस अड्डे की मांग की थी। प्रशासनिक और परिवहन विभाग के अधिकारियों ने प्रेमनगर मोड़ के पास बस अड्डे का निर्माण कराए जाने की बात कहते हुए बोर्ड भी लगाया था। लेकिन जब बाईपास मार्ग का निर्माण शुरू हुआ तो बस अड्डे के लिए अधिकृत भूमि में से अधिकांश भूमि बाईपास की भेंट चढ़ गई। इसके अलावा वर्ष 2016 में जमीन पर पुलिस चौकी भी खोल दी गई थी। अगस्त 2020 में परिवहन, राजस्व विभाग के अधिकारियों ने बची जमीन की नपत की तो वह पांच बीघा निकली थी। इसके बाद मंडी परिषद को बची जमीन पर बस अड्डा बनाने के लिए करीब पौने दो करोड़ रुपये की डीपीआर बनाई है।
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