घरों में शव पहुंचे तो मची चीख पुकार
मृतकों के शव जब घर पहुंचे तो हर तरफ चीखने-चिल्लाने की आवाज ने सभी के दिल दहला दिए। किसी की बेटी तो किसी का बेटा शवों को गले लगाकर विलाप करते रहे। उर्मिला की मौत से उनके पांच बच्चों से मां का आंचल छूट गया। उनकी दो बेटियों के विवाह हो चुका है, जबकि तीन बेटे दुकानों पर काम करते हैं। विभा के दो बेटे हैं। बाल्यावस्था में मां का साया छिनने से दोनों बच्चों को भी सब्र नहीं आ रहा। ई-रिक्शा चलाकर परिवार का भरण-पोषण करने वाले मनोज की चार बेटियां और एक बेटा है।
समय से मिल जाता इलाज तो बच सकती थी प्रसूता की जान
हादसे के बाद घायल ज्योति को समय से इलाज मिल जाता तो शायद उसकी या फिर उसके बच्चे की जान बच सकती थी। परिजनों का आरोप है कि करीब तीन नंबरों से आपातकालीन 108 एंबुलेंस सेवा को कॉल किया गया लेकिन एक भी फोन रिसीव नहीं हुआ। वहां पहुंचे अन्य कई लोगों ने फोन किए तब जाकर एक नंबर पर बात हुई। इससे एंबुलेंस करीब आधा घंटा देरी से पहुंची। तब तक सभी घायल सड़क पर तड़पते रहे। ज्योति समुचित इलाज के अभाव में भोर होने तक जिंदगी से लड़ती रही ।
हादसे के दौरान एंबुलेंस के देर से पहुंचने के मामले में 108 एंबुलेंस सेवा के प्रबंधक को जांच करने के आदेश दिए हैं। उन्हें तीन नंबर मिले हैं, जिनसे 108 एंबुलेंस सेवा को कॉल करना बताया गया लेकिन फोन नहीं उठे। जांच में तथ्य सामने आने पर कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल में ज्योति के इलाज के बाद उसे घर भेजने की जांच की गई है, पता चला कि ज्योति फॉल्स पेन पर आई थी। डिलीवरी का दर्द नहीं था। मरीज को इंतजार करने के लिए कहा गया था। स्टाफ ने जाने को नहीं कहा लेकिन डॉक्टर के इलाज के बाद मरीज को दर्द में आराम मिला तो परिजनों ने घर जाने की इच्छा जताई। स्टाफ या डॉक्टर ने घर जाने की सलाह नहीं दी थी। परिजनों ने प्रसूता को घर ले जाने के लिए लिखकर भी दिया। जिसके बाद वह वहां से चले आए।
-डॉ. मनोज कुमार शर्मा, सीएमओ
पुलिस की निगरानी में किया गया दाह संस्कार
भूरारानी की ज्योति और सुभाष काॅलोनी की उर्मिला, विभा और ई-रिक्शा चालक मनोज का अंतिम संस्कार पुलिस की निगरानी में हुआ। पोस्टमार्टम के बाद जब चारों शव घरों पर पहुंचे तो वहां भी पुलिस बल तैनात रहा। शव यात्रा के दौरान पुलिस कर्मी भी सुरक्षा की दृष्टि से साथ-साथ चलते रहे। एसटी सिटी मनोज कत्याल ने भी मृतकों के परिजनों को ढाढ़स बंधाते हुए सांत्वना दी।