इन सवालों के नहीं मिल रहे जवाब
ऐसी कौन सी परिस्थितियां रहीं कि आशू मासूम की जान का दुश्मन बन बैठा। कोई न कोई तो ऐसी गंभीर बात रही होगी। चाहे फिर वह मेहनताना की हो या फिर कोई पारिवारिक वजह या फिर कामकाज के दौरान कोई ऐसी बात बोलना, जो आशू के दिल को लग गई हो।
फोन पर सुनाई दी थी अहद की आवाज
काशीपुर। अहद के मामा सोहेल ने बताया कि बहन जीनत ने रात लगभग 11 बजे आशू को फोन किया था। तब आशू ने फोन पर बेटे की आवाज सुनाई थी। इस पर जीनत ने बेटे को जल्दी घर लाने के लिए कहा था।
कुछ साल पहले भी एक व्यक्ति पर जानलेवा हमला कर चुका है आशू
काशीपुर। नदीम ने बताया कि लगभग 8-10 साल पहले आशू का सहारनपुर के बासठकुटा रोड निवासी सलमान से किसी बात पर विवाद हो गया था। तब आशू ने धारदार हथियार से उसके गले पर गहरा घाव किया था। उसका लंबे समय तक इलाज चला। मामले में आशू गिरफ्तार भी हुआ था।
कुछ दिन पहले सौतेली मां कर चुकी है बच्ची की हत्या
बीती 17 अप्रैल की दोपहर में खड़कपुर देवीपुर में सौतेली मां लक्ष्मी देवी ने आठ वर्षीय सोनी पुत्री मोनू कुमार की बर्बरतापूर्वक पिटाई की और हत्या कर शव को एक निर्माणाधीन मकान में दबा दिया था। सोनी की मां की बीमारी से मौत हो गई थी। उसका पिता और दादी से अधिक लगाव था। यही कारण था कि सौतेली मां उससे द्वेष रखती थी।