तीन साल में पकड़े गए 237 असलहे
पुलिस के आंकड़े भी असलहा तस्करी के बढ़ते मामले को को उजागर कर रहे हैं। वर्ष 2021 में पुलिस ने 264, 2022 में 370 और 2023 में 518 आरोपियों को असलहों के साथ गिरफ्तार कर जेल भेजा था। पुलिस ने इन लोगों से 237 तमंचे, बंदूक, पिस्टल और कारतूस बरामद किए थे। दिलचस्प बात है कि सबसे अधिक गदरपुर में ही असलहा बनाने की फैक्टरियां पकड़ी जा रही हैं। पिछले साल असलहा फैक्टरी के साथ पकड़ा गया अभियुक्त तैयार असलहाें को अपने बेटे और रिश्तेदार के साथ मिलकर लोगों को बेचता था। यहां कलकत्ती और आर्यनगर से सटे जंगल में तस्कर असलहे तैयार कर बाजार में बेचते हैं।
तमंचे से फायरिंग कर सोशल मीडिया पर अपलोड करना पड़ा था महंगा
दो दिन पहले दिनेशपुर पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया था। युवक ने रौब दिखाने के लिए तमंचे से फायरिंग कर वीडियो सोशल मीडिया पर डाल दिया था। यह वीडियो पुलिस के संज्ञान में आया और तत्काल युवक की गिरफ्तारी की गई थी। इससे पहले भी रुद्रपुर, पुलभट्टा सहित अन्य थाना क्षेत्रों में सोशल मीडिया की फोटो और वीडियो के आधार पर शौकिया युवाओं को असलहों के साथ गिरफ्तार किया गया था।
आसानी से मुहैया हो रहे असलहे
युवाओं के पास आसानी से असलहे पहुंच रहे हैं। खासतौर पर तमंचों की ज्यादा मांग हो रही है। तमंचों का इस्तेमाल झगड़ों में खूब हो रहा है। हाल में ही रंपुरा में एक नामकरण संस्कार की पार्टी में हुए झगड़े में आपराधिक प्रवृत्ति के युवक ने तमंचे से सात बार फायरिंग कर दहशत मचा दी थी। बीते अक्तूबर में रुद्रपुर के प्रीत विहार में मामूली झगड़े के बाद आधा दर्जन युवाओं ने आगजनी के साथ ही अवैध असलहों से फायरिंग कर खौफ फैलाया था। संवाद
गदरपुर में असलहों की खेप के साथ पकड़े गए युवक के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। इसके साथ ही अवैध असलह रखने और सोशल मीडिया में प्रदर्शन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा लाइसेंसी असलहे का दुरुपयोग करने पर भी कड़ी कार्यवाही की जाएगी। - डॉ. मंजूनाथ टीसी, एसएसपी।