काशीपुर। विदेश में वर्क वीजा के नाम पर दो ट्रेवल एजेंसी प्रबंधकों ने एक महिला की बेटी को विजिटर वीजा के आधार पर न्यूजीलैंड भेज दिया। वहां जाकर पता चला कि उसके आवेदन प्रपत्रों के साथ छेड़छाड़ की गई है और आठ लाख रुपये की धोखाधड़ी कर उसे विदेश में फंसा दिया। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
मानपुर रोड स्थित कौशाम्बी एवेन्यू कॉलोनी निवासी जसपाल कौर पत्नी स्व. त्रिलोचन सिंह ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया। इसमें कहा कि बेटी को न्यूजीलैंड भिजवाने के लिए यूनिवर्सल ओवरसीज ट्रेवल काशीपुर के प्रबंधक सिमरनजीत सिंह निवासी पंजाबी कॉलोनी जसपुर से बातचीत हुई थी। उसने उसकी मुलाकात अंशुल ट्रेवल्स रुद्रपुर के प्रबंधक पंकज अधिकारी से कराई। दोनों की बातों में आकर उसने अंशुल ट्रेवल्स को 7 लाख 30 हजार रुपये दे दिए। इसके अलावा 70 हजार रुपये सिमरनजीत सिंह के बैंक एकाउंट में ट्रांसफर कर दिए। बीते वर्ष 22 जुलाई को उसकी बेटी को विजिटर वीजा के आधार पर न्यूजीलैंड भेज दिया गया।
आवेदन प्रपत्रों के साथ की गई छेड़छाड़
जब उसकी बेटी वर्क वीजा पर न्यूजीलैंड गई तब पता चला कि उसके पुराने आवेदन प्रपत्रों के साथ छेड़छाड़ की गई है। बताया गया कि उनका रजिस्ट्रेशन नंबर भी नहीं है। दोनों एजेंसी प्रबंधकों ने उसकी बेटी के फर्जी दस्तावेज तैयार करके आठ लाख रुपये हड़प लिए। अब उसकी बेटी वहां फंस गई है और उसके साथ विदेश में कोई भी घटना घटित हो सकती है। कोतवाली पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर दोनों ट्रेवल्स एजेंसी के प्रबंधकों के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।