बाजपुर। बैंक प्रबंधक पर हुए हमले की मास्टर माइंड उसकी भवन स्वामिनी ही निकली। पुलिस ने महिला और वारदात को अंजाम देने वाले दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पति की मौत के बाद दो साल से किराया नहीं मिलने पर उसने बैंक के शाखा प्रबंधक पर हमला कराने की योजना बनाई थी।
देहरादून निवासी विवेक यादव बरहैनी स्थित नैनीताल बैंक की शाखा में प्रबंधक हैं। 10 मई की शाम वह बैंक शाखा बंद कराकर अपनी कार से घर लौट रहे थे। नमूना के पास बाइक सवार दो युवकों ने विवेक को गोली मार दी। घायल विवेक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। इस मामले में कोतवाली में धारा 307 के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई। मौके का गवाह नहीं होने के कारण केस के खुलासे के लिए पुलिस को सर्विलांस और सीसीटीवी फुटेज पर निर्भर होना पड़ा।
एसएसपी मंजू नाथ टीसी ने बताया कि पुलिस ने 130 सीसीटीवी कैमरे खंगाले। पुलिस और एसओजी की टीम ने चरणजीत उर्फ दीपू निवासी गांव पहाड़पुर बरहैनी, उसके साथी रिंकू उर्फ गुरपाल को हल्द्वानी स्टेट हाईवे स्थित भैंसिया फार्म से गिरफ्तार किया। आरोपियों से हुई पूछताछ के आधार पर पुलिस ने बैंक शाखा की भवन स्वामिनी नीलम आनंद को भी गिरफ्तार कर लिया। एसएसपी ने बताया कि पूछताछ में दीपू ने बताया कि वह कुछ सालों से नीलम के साथ पारिवारिक सदस्य की तरह रहता है। नीलम के बेटे और पति की मृत्यु हो चुकी है।
बैंक भवन के किराये को लेकर नीलम परेशान रहती थी। पति के देहांत के बाद पिछले दो वर्ष से उसे किराया नहीं मिल पाया है। किराये के विवाद को लेकर मैनेजर भी बैंक शाखा को कहीं अन्यत्र शिफ्ट करने की कोशिश में था जिससे उनके बीच रंजिश और बढ़ गई। उन्होंने बताया कि बैंक मैनेजर को रास्ते से हटाने के लिए नीलम ने ही हमले की साजिश रची थी। दीपू को उसने ही लाइसेंसी पिस्टल दिया था। एसएसपी ने बताया कि पति की मौत के बाद किराए के लिए नीलम ने औपचारिकताएं पूरी नहीं की थीं। वह नियम विरुद्ध पति के खाते में ही किराया लेना चाहती थी। संवाद
पुलिस टीम को पांच हजार का इनाम
बाजपुर। एसएसपी ने आरोपियों को पकड़ने वाली पुलिस टीम को पांच हजार रुपये का इनाम दिया है। खुलासा करने वाली पुलिस टीम में सीओ वंदना वर्मा, कोतवाल प्रवीण सिंह कोश्यारी, एसएसआई विक्रम धामी, एसआई अशोक फर्त्याल, अर्जुन गिरी गोस्वामी, भगवान गिरी, राकेश कठायत, कांस्टेबल दीपक चौहान, सुरेश व संतोष रावत शामिल थे।