काशीपुर में भारत रत्न गोविंद बल्लभ पंत का जन्म दिन धूमधाम से मनाया जाता है। काशीपुर जीबी पंत की कर्मस्थली रही है। यही से उन्हाेंने कुमाऊं में कुली बेगार, स्वदेशी आंदोलन और स्वराज आंदोलन की अलख जगाई है। साथ ही सामाजिक एवं शिक्षण संस्थाओं की स्थापना भी की।
वह 1912 खालसा मोहल्ला काशीपुर में रहने लगे। यहां पर रहकर वकालत करने लगे। 1912 में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष चुने गए और 1920 तक इसी पद पर रहे। पंत ने सामाजिक कार्य भी आरंभ कर दिए इसके लिए 1914 में प्रेम सभा की स्थापना की। इसी वर्ष राजा उदयराज के सहयोग से उदयराज हाईस्कूल की स्थापना की। वह सामाजिक कार्यों में बढ़चढ़कर भाग लेते रहे। वह नोटिफाइट एरिया के सदस्य भी रहे है।
1916 मेें पंत ने काशीपुर से ही कुमाऊं में कुली उतार, जंगलात आंदोलन का बिगुल फूंका। अब पंत जी स्वराज आंदोलन की ओर बढ़ रहे थे। जीबी पंत ने 1920 में कुमाऊं परिषद का सम्मेलन काशीपुर बुलाया जिसमें डेढ़ सौ से अधिक प्रतिनिधि शामिल थे। यही से कुमाऊं में स्वराज की नीव पड़ी है। वह नैनीताल बोर्ड के भी चेयरमैन रहे हैं। जीबी पंत के आमंत्रण पर महात्मा गांधी ने 1928 में काशीपुर में आम सभा की जिसमें लोगों ने महात्मा गांधी को दो हजार रुपये चंदा दिया।
पंत जी 1937 को कुमाऊं रुहेलखंड विधान सभा के सदस्य और संयुक्त प्रांत के प्रधान मंत्री (मुख्य मंत्री) चुने गए। 1946 को फिर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री चुने गए। उन्होंने ही जमींदारी उन्मूलन कानून पास किया। जब पंजाब सरकार ने शरणार्थियों को लेने से असमर्थता जताई तो पंत ने पूर्व सैनिकों के लिए तराई में बनाई जा रही कालोनियों में पाकिस्तान व पूर्व पाकिस्तान से आएं शरणार्थियों को बसाया।
बार एसोसिएशन काशीपुर जीबी पंत के जन्म दिन पर बार परिसर में पंत की प्रतिमा स्थापित करेगी। यह जानकारी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष आनंद स्वरूप रस्तोगी ने दी।
इंसेट..........
काशीपुर। जीबी पंत की कुछ खास तिथियां
-1912 गोविंद बल्लभ पंत काशीपुर आए और मोहल्ला खालसा में रहने लगे। उन्होंने पहला मुकदमा कुंजबिहारी लाल का लड़ा। काशीपुर बार के अध्यक्ष चुने गए।
1914 प्रेम सभा की स्थापना
1914 उदराज विद्यालय की स्थापना
1916 काशीपुर नोटिफाइड एरिया के सदस्य
1916 कुमाऊं में राष्ट्रीय स्वराज एवं कुली उतार जंगलात आंदोलन,
1920 कुमाऊं परिषद का सम्मेलन काशीपुर में कराया
1928 नैनीताल बोर्ड के चेयरमैन बने
1929 काशीपुर में महात्मा गांधी की सभा कराई
1934 कुमाऊं रुहेलखंड विधान परिषद के सदस्य चुने गए
1937 संयुक्त प्रांत के प्रधान मंत्री (मुख्य मंत्री उत्तर प्रदेश)
1946 उत्तर प्रदेश के दूसरी बार मुख्यमंत्री
1952 में जमींदारी उन्मूलन कानून बनाया