बच्चों की पत्रिका बालप्रहरी, उत्तराखंड बाल कल्याण और बाल साहित्य संस्थान एवं भारत ज्ञान विज्ञान समिति की ओर से आयोजित बच्चों की पांच दिवसीय लेखन कार्यशाला बुधवार को संपन्न हो गई। इस दौरान 95 बच्चों ने हस्तलिखित पुस्तकें बनाईं।
खटीमा फाइबर्स में आयोजित कार्यशाला में बच्चों की ओर से बनाई गई बाल प्रहरी, बाल मन, बाल भारती, बाल दर्पण, बालिका स्वर, नव ज्योति, बाल कुटुंब आदि नामों से तैयार हस्तलिखित पुस्तकों की प्रदर्शनी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। समारोह में भारत ज्ञान विज्ञान समिति के जिला सचिव नरेंद्र रौतेला की संपादित हस्तलिखित पत्रिका खटीमा प्रहरी का विमोचन किया गया।
समापन अवसर आयोजित बाल कवि सम्मेलन में अनुराग यादव, सौरभ तिवारी, गौरव सनवाल, आयुश चंद, नीलिमा राणा, अंजलि राणा, श्रेया जोशी, हर्षित जोशी, अदिती राणा, दीपक मौर्या, एनमन शर्मा, विवेक कुमार आदि ने स्वरचित कविताएं सुनाईं। बालप्रहरी के संपादक उदय किरौला द्वारा लिखित तथा निर्देशित नुक्कड़ नाटक मोबाइल टन टना टन टन के माध्यम से बच्चों ने आज की मोबाइल संस्कृति को उजागर किया। बच्चों ने कुमाऊंनी झोड़ा, समूह गीत ज्ञान का दीया जलाने तथा मैं तुमको विश्वास दूं प्रस्तुत किए।
इससे पूर्व बुधवार सुबह बच्चों ने राणा प्रताप इंका से फाइबर्स तक पर्यावरण जागरुकता रैली निकाली। बच्चों ने अखबार से बनाए मुकुट पर पर्यावरण जागरुकता के नारों के माध्यम से लोगों को अपनी ओर आकर्षित करने का प्रयास किया। बच्चों ने खटीमा फाइबर्स कारखाने में कागज बनने की प्रक्रिया को भी जाना। वहां फाइबर फैक्टरी के सीएमडी आरसी रस्तोगी, गीता पुष्कार धामी, रुपचंद्र शास्त्री, महेंद्र प्रताप पांडे, राज किशोर सक्सेना, पूरन बिष्ट, जगदीश पंत, मीना मेहरा, मनीषा कलपासी, राम रतन यादव, मीना कुमारी, मंजू राणा, लक्ष्मीकांत लोहनी आदि थे।