फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोई डॉक्टर तो किसी को बनना है आईएएस

विज्ञापन
रुद्रपुर के सरस्वती विद्या मंदिर स्कूल में छात्रा आकृति बिष्ट को मिठाई खिलाकर व आर्शीवाद देकर ब? - फोटो : RUDRAPUR
विज्ञापन
रुद्रपुर। उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा में अव्वल स्थान पर रहे अधिकतर छात्र-छात्राओं की पहली पसंद डॉक्टर और आईएएस बनना है। अपने इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए वह भविष्य में भी लगन के साथ पढ़ाई को प्रतिबद्ध नजर आए।
विज्ञापन

रुद्रपुर के सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज की छात्रा शांति विहार निवासी आकृति बिष्ट ने हाईस्कूल में 95.80 प्रतिशत प्राप्त कर प्रदेश में 15वीं रैंक प्राप्त की। छात्रा ने 500 में से 479 अंक प्राप्त किए। आकृति आईएएस बनना चाहती है। छात्रा ने कहा कि परीक्षा के दौरान उसने सिर्फ दो घंटे ध्यान से पढ़ाई की। पिता राजेश बिष्ट और मा कुलबंती बिष्ट ने कहा कि उन्हें अपनी पुत्री पर गर्व है।
श्री गुरुनानक बालिका इंटर कॉलेज की किच्छा छात्रा महक गंगवार ने 95.60 प्रतिशत अंकों के साथ प्रदेश में 16वीं रैंक प्राप्त की। छात्रा ने 500 में से 478 अंक प्राप्त किए। छात्रा ने कहा कि वह इंजीनियर बनना चाहती है। उसके पिता पूरनलाल गंगवार एक किसान व मां विमला गंगवार गृहिणी हैं। छात्रा ने कहा कि वह परीक्षा के दौरान करीब छह घंटे पढ़ती थी।
विज्ञापन

सरस्वती शिक्षा मंदिर कॉलेज की 12वीं की छात्रा हर्षिता ने इंटरमीडिएट की परीक्षा में 91.20 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रदेश में 23वां स्थान प्राप्त किया, उसे 500 में से 456 अंक मिले।
हर्षिता आईएएस अधिकारी बनना चाहती हैं। उसके पिता प्रदीप कुमार उसके ही स्कूल में शिक्षक हैं। जबकि माता सरिता आर्या राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल बरखेड़ा गदरपुर में शिक्षिका हैं। छात्रा ने बताया कि वह परीक्षा के दौरान प्रतिदिन आठ घंटे पढ़ती थी। सरस्वती शिक्षा मंदिर कॉलेज के 10वीं के छात्र उदित वर्मा ने 94.60 प्रतिशत अंक के प्रदेश में 21वां स्थान प्राप्त किए। वह आईएएस अधिकारी बनना चाहता है। छात्र ने बताया कि वह प्रतिदिन आठ घंटे पढ़ता था। उसके पिता विनोद कुमार की एक टायर की दुकान व मां सुधा वर्मा गृहिणी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें