रुद्रपुर गल्ला मंडी गेट पर आढ़तों के आगे खड़ी धान से लदी ट्रालियां।
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रुद्रपुर। सरकारी दावों के बावजूद कमीशन एजेंटों के माध्यम से हो रही धान की सरकारी खरीद में किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ नहीं मिल पा रहा है। कमीशन एजेंट किसानों के धान में नमी अधिक बताकर औने-पौने दामों पर धान खरीद रहे हैं। शुक्रवार को रुद्रपुर गल्ला मंडी में करीब सात हजार क्विंटल धान की खरीद हुई। इधर, तराई विकास सहकारी संघ मुख्यालय स्थित यूसीएफ के क्रय केंद्र पर भी पहली बार धान खरीद हुई।
रुद्रपुर गल्ला मंडी में सुबह आठ बजे से विभिन्न गावों के किसान पहुंचने शुरू हो गए थे। कुछ कच्चा आढ़तियों या कमीशन एजेंटों ने गल्ला मंडी के गेट पर ही किसानों का धान खरीदना शुरू कर दिया, लेकिन 17 प्रतिशत से अधिक नमी बताकर आढ़तियों ने किसानों का धान 1500 रुपये से 1680 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा। कुछ किसानों ने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1940 व 1960 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया है, लेकिन 17 प्रतिशत नमी के मानक की अनिवार्यता का कुछ आढ़ती फायदा उठा रहे हैं। कम नमी होने पर भी अधिक नमी बताकर धान को सस्ती दरों में खरीदा जा रहा है। मंडी निरीक्षक योगेश तिवारी ने कहा कि शुक्रवार को रुद्रपुर गल्ला मंडी में कमीशन एजेंटों को किसानों ने करीब 85 ट्राली धान बेचा। इन ट्रालियों में करीब सात हजार क्विंटल धान था। इधर, तराई विकास सहकारी क्रय केंद्र पर पहली बार 40 क्विंटल धान की खरीद हुई।
कोट-
कच्चा आढ़तियों व किसानों के बीच वर्ष 2018 में हुए समझौते के आधार पर नमी के अनुसार धान में कटौती की जा रही है। 18 प्रतिशत नमी होने पर दो किलो धान और 25 प्रतिशत नमी होने पर साढ़े 12 किलो धान की कटौती की जा रही है।
- हेमंत जोशी, जिला नोडल अधिकारी कंट्रोल रूम