विकास भवन सभागार में पुलिस अधिकारियों की बैठक लेते आयोग के उपाध्यक्ष।
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पूर्व कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य पर हमले का प्रकरण आयोग में पंजीकृत होने पर अनुसूचित जाति आयोग के उपाध्यक्ष पीसी गोरखा ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि मामले की जांच निष्पक्षता और पारदर्शिता से की जाए।
बुधवार को विकास भवन सभागार में पीसी गोरखा ने एससी-एसटी एक्ट में दर्ज मुकदमों की समीक्षा की। कहा कि निर्बल, गरीब और पीड़ित व्यक्तियों की सुरक्षा करना पुलिस का दायित्व है। कहा कि एससी-एसटी एक्ट में दर्ज मुकदमों में दूध का दूध पानी का पानी होना चाहिए। एसपी ममता बोहरा ने बताया कि अनुसूचित जाति के अत्याचार, उत्पीड़न के 20 मामलों में 26 लाख 50 हजार की आर्थिक सहायता दी गई है। 12 लाख 50 हजार की आर्थिक सहायता के आठ मामले गतिमान हैं।