सभी महत्वपूर्ण पद सृजित हैं लेकिन नियुक्ति अब तक नहीं
स्वास्थ्य निदेशालय की ओर से उच्चीकृत अस्पताल में नए पद सृजित किए गए। इनमें जनरल सर्जन, बाल रोग विशेषज्ञ, महिला एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ, फिजीशियन, सामान्य चिकित्साधिकारी, दंत चिकित्सक, दंत सहायक, तीन स्टाफ नर्स, फार्मेसिस्ट, लैब तकनीशियन, निश्चेतक, व अस्पताल के प्रशासनिक कार्यालय में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, सहायक प्रशासनिक अधिकारी, दो वार्ड बॉय एवं दो स्वच्छक के पद सृजित हुए लेकिन सृजित पदों में आज तक न तो जनरल सर्जन, न बाल रोग, न महिला एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ की स्थायी नियुक्ति हुई और न ही अस्पताल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में सुविधाएं दी गईं।
अस्पताल में सर्जन और विशेषज्ञों की नियुक्ति नहीं हो पाई। शासन से समय-समय पर मांग की जाती है। अस्पताल की अपनी कोई एंबुलेंस नहीं है। पूर्व में विधायक की ओर से एंबुलेंस दी गई थी। डेलीवेज पर ड्राइवर की व्यवस्था कर रखी है। एएनएम के खाली पदों पर जल्द नियुक्ति कराई जाएगी। -डॉ. मनोज कुमार शर्मा, सीएमओ, यूएसनगर
मैंने उच्चीकृत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नानकमत्ता का मामला कई बार विधानसभा में उठाया। मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री से कई बार आश्वासन मिला और मानक के अनुसार डॉक्टर, स्टाफ की तैनाती की मांग की। शासन की ओर से डॉक्टर की शीघ्र तैनाती का सिर्फ मौखिक आश्वासन ही मिलता है। -गोपाल सिंह राणा, विधायक नानकमत्ता।
साल 2005 के कांग्रेस शासन में पीएचसी का उच्चीकरण करने की मात्र घोषणा की गई थी। मैंने अपने कार्यकाल में मानक के अनुरूप पद सृजित कराने के साथ एक्स-रे मशीन स्थापित कराई थी। कुछ डॉक्टर भी तैनात थे। डॉक्टर के खाली पदों पर नियुक्ति के लिए सीएम और स्वास्थ्य मंत्री से मिलूंगा। -डॉ. प्रेम सिंह राणा, पूर्व विधायक, नानकमत्ता।