आशा कार्यकर्ताओं की 12 सूत्री मांगों को लेकर सोमवार को 15वें दिन भी हड़ताल जारी रही। उन्होंने कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी माइक्रोन्यूट्रिएंट्स का वितरण नहीं किया जाएगा। साथ ही अन्य कार्य भी नहीं किए जाएंगे। इधर, खटीमा के नागरिक अस्पताल पहुंचकर सीएम पत्नी गीता धामी ने आशा वर्करों को आश्वस्त किया कि जल्द खुशखबरी मिलने वाली है। उन्होंने आशाओं से संयम से काम लेन की अपील की।
रुद्रपुर जिला अस्पताल पर धरने पर बैठीं आशा कार्यकर्ताओं ने कहा कि सरकार लगातार उन्हें झूठे आश्वासन देकर छल रही हैं। लेकिन अब आथिक शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बेहद कम मानदेय पर इतना महत्वपूर्ण और जिम्मेदारी वाला कार्य करना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक न्यूनतम 21 हजार रुपये वेतन और राजकीय कर्मचारी का दर्जा समेत 12 सूत्री मांगे पूरी नहीं होतीं प्रदेशभर में कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। वहां पर ममता पानू, प्रिया कश्यप, कुलविंदर कौर, गीता गोस्वामी, जानकी देवी, कुसुम लता, अनीता देवी, नमिता, कमला विश्वास, प्रेमा थापा, निर्मला आदि थे।
इधर, खटीमा में गीता धामी के साथ वहां सीएम के जनसंपर्क अधिकारी प्रमोद जोशी, महिला नेत्री अंजू देवी, कैलाश मनराल, गंभीर सिंह धामी, विनोद जोशी आदि मौजूद थे। (संवाद)
गदरपुर। यहां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में धरने पर बैठी आशा कार्यकर्ता मांगें पूरी न होने से नाराज हैं। इस दौरान माया देवी, प्रेमलता कश्यप, लक्ष्मी देवी, नीलम रानी, मीनाक्षी अरोड़ा, कृष्णावती, राधारानी, आशा देवी, कंचन सहित अनेक मौजूद रहे। (संवाद)
शांतिपुरी में सम्मानित टॉपरों के साथ वन निगम अध्यक्ष परिहार व अन्य।- फोटो : RUDRAPUR