प्राय: देखने को मिलता है कि सड़कों पर बंदरों के झुंडों को जंक फूड देने से कोई गुरेज नहीं करता। इससे बंदर अब जंगल को छोड़कर आबादी में रहना पसंद करने लगे हैं। बंदरों को उनके प्राकृतिक भोजन न मिलने और जंक फूड से उनमें स्किन इंफेक्शन हो रहा है। वन विभाग की टीम इन बंदरों पर विशेष ध्यान रखती है। स्किन इंफेक्शन की बीमारी से बंदरों में डर्मेटाइसिस रोग का खतरा बढ़ सकता है। - डॉ. एसबी पांडेय, अपर निदेशक, पशुपालन विभाग
लोग बेवजह बंदरों को खाद्य पदार्थ या फिर जंक फूड खिला रहे हैं। इससे उनकी प्रवृत्ति बदल रही है। बंदरों को ऐसे खाद्य पदार्थ खिलाकर पुण्य नहीं, वरन उनके जीवन से खिलवाड़ है। इससे बंदर स्किन इंफेक्शन की चपेट में आते हैं। वन्यजीवों को इस तरह के खाद्य पदार्थ न खिलाए जाएं ताकि वे जंगल की जड़ीबूटी और पेड़ों के फलों पर निर्भर हो सकें। - डॉ. हिमांशु पांगती, वन्यजीव विशेषज्ञ