सहकारिता विभाग की वन टाइम सेटलमेंट स्कीम (ओटीएस) से जिले के 4193 मृतक किसानों के वारिसों का 16 करोड़ 10 लाख रुपये का ब्याज माफ हो सकता है लेकिन शर्त यह है कि किसानों के वारिसों को सहकारी समितियों से लिए गए करोड़ों रुपये के ऋण का कुल 24 करोड़ 27 लाख रुपये मूलधन लौटाना पड़ेगा। इसके बाद इन 4193 मृतक किसानों का 16 करोड़ 10 लाख रुपये का ब्याज माफ हो जाएगा।
जिले की 35 सहकारी समितियों में एक लाख 21 हजार 381 सदस्य पंजीकृत हैं। इनमें से 70 हजार 893 सक्रिय किसान मौजूद हैं। वहीं, सहकारिता विभाग से वर्षों पहले खेती किसानी के लिए 4193 किसानों ने ऋण लिया था लेकिन किसानों की मौत के बाद सहकारी समितियों से लिए गए ऋण को उनके वारिसों ने नहीं चुकाया। ऐसे में लिए गए ऋण पर ब्याज लगते-लगते 40 करोड़ 38 लाख रुपये पहुंच गया है।
इसके चलते 4193 मृतक किसानों के वारिस भी सहकारिता विभाग की डिफाल्टर लिस्ट में शामिल हो गए हैं। अब किसानों के वारिसों को सुविधा देने के लिए सहकारिता विभाग वन टाइम सेटलमेंट स्कीम से इनका ब्याज माफ करने जा रहा है। बता दें कि 632 किसानों से तो सहकारी समितियों ने पांच करोड़ 42 लाख 6195 हजार रुपये का मूलधन लेकर ब्याज भी माफ कर दिया है।