डॉ. आशुतोष पंत।
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रुद्रपुर। कोरोना संक्रमण के नए वैरिएंट ओमिक्रोन की दस्तक के बाद बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए सरकार की ओर से उन्हें इम्यूनिटी बूस्टर आयुष काढ़ा दिया जाएगा। जिला आयुर्वेद व यूनानी विभाग ने बच्चों को दी जाने वाली 50 हजार आयुष किट की मांग की है।
जिले में एक साल से पांच साल तक के बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए आयुष विभाग आयुर्वेदिक चूर्ण से बनीं आयुष रक्षा किट लेकर आ रहा है। हरिद्वार स्थित आयुर्वेदिक विभाग की ऋषिकुल राजकीय आयुर्वेदिक फार्मेसी में इसे परखा गया है। इसके बाद आयुर्वेद निदेशालय की ओर से राज्य के विभिन्न जिलों में बच्चों को दी जाने वाली किटों की मांग की जा रही है। आयुर्वेदिक डॉक्टरों की मानें तो देश में कोरोना संक्रमण के अलग-अलग वैरिएंट सामने आ रहे हैं। ऐसे में बच्चों को सुरक्षित करने के लिए काढ़ा पिलाया जाएगा।
बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए बाल रक्षा किट दी जाएगी। निदेशालय से 50 हजार किट की मांग की गई है। किट में उपलब्ध औषधियों से बच्चो की इम्यूनिटी बढ़ेगी। बच्चों में इससे कोरोना संक्रमण का खतरा काफी हद तक कम हो जाएगा।
-डॉ. आशुतोष पंत, जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी।