रुद्रपुर कोतवाली क्षेत्र के भूरारानी में स्क्रैप के गोदाम में भीषण आग लग गई। देखते ही देखते गोदाम से आग की उठती लपटें डराने लगी और आसमान में काले धुएं का गुबार छा गया। दमकल और निजी कंपनियों की आठ गाड़ियों को आग पर काबू करने में चार घंटे से अधिक समय लग गया। गोदाम संचालक को भारी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।
भूरारानी में अनिल ढींगरा के गोदाम को भारत वेस्ट मैनेजमेंट कंपनी ने किराए पर ले रखा है। गोदाम में कई कंपनियों से लिया गया स्क्रैप एकत्र कर छंटाई की जाती है। बृहस्पतिवार की शाम करीब साढ़े चार बजे गोदाम में काम कर रहे मजदूरों ने एक हिस्से से धुआं उठता देखा। जब तक वे कुछ समझ पाते, बेकाबू हुई आग ने गोदाम में रखे स्क्रैप को चपेट में लेना शुरू कर दिया। करीब पांच बजे दमकल विभाग की गाड़ी मौके पर पहुंची तो आग विकराल रूप धारण कर चुकी थी।
सूचना पर सीएफओ ईशान कटारिया, एसपी सिटी मनोज कत्याल, सीओ निहारिका तोमर मौके पर पहुंचे। दमकल विभाग की पांच और सिडकुल की फैक्टरियों की तीन गाड़ियां आग बुझाने में जुट गईं। दमकलकर्मियों ने स्क्रैप पर पानी की बौछारें की तो उनमें आगे की लपटें और निकलने लगी। बेकाबू होती आग की लपटों को देख पुलिस ने गोदाम के बगल में स्थित दूसरे गोदाम को खाली करा दिया। शुरुआती जांच में आग से करीब 50 लाख से अधिक का स्क्रैप जलने की बात सामने आ रही है। सीएफओ कटारिया ने बताया कि कुल आठ गाड़ियों से चार घंटे में 90 फीसदी आग पर नियंत्रण पा लिया गया है। आग बुझने के बाद ही नुकसान का पता चल सकेगा।
आग से गिरी दीवार, जेसीबी से गेट को तोड़ा
स्क्रैप के गोदाम के एक गेट से प्रवेश कर दमकल कर्मी आग बुझाते रहे लेकिन दूसरी तरफ का गेट बंद होने से आग बुझाने में दिक्कतें हो रही थी। इसके चलते जेसीबी को मंगवाकर दूसरा गेट तोड़ा गया था। आग से गोदाम की एक दीवार खुद ही गिर गई थी। इसके बाद दमकल कर्मी दोनों तरफ से आग बुझाने में जुटे रहे।
आग बुझाने में मदद वाले कम, तमाशबीन ज्यादा
सड़कों पर बजते रहे सायरन और हूटर
घटनास्थल के आसपास करीब 100 मीटर के दायरे में भारी भीड़ जमा थी। फायर बिग्रेड की गाड़ियां पानी खत्म होने और पानी लेकर आते समय सायरन बजाते हुए चल रही थी। इसके अलावा पुलिस प्रशासन की गाड़ियां भी हूटर बजाते हुए भीड़ को हटाती रही। करीब चार घंटे तक इलाके में हूटर और सायरन की गूंज रही।
ऐहतियातन डेढ़ घंटे बिजली आपूर्ति की बाधित
गोदाम में आग के बेकाबू होने के बाद ऐहतियातन इलाके की बिजली काट दी गई थी। इसके चलते वहां अंधेरा पसर गया था। इस दौरान गाड़ियों की रोशनी के बीच दमकलकर्मी आग बुझाने में जुटे रहे थे। आग नियंत्रित होने पर डेढ़ घंटे बाद आपूर्ति सुचारू की गई।
विधायक और पूर्व विधायक भी घटनास्थल पर पहुंचे
अग्निकांड की सूचना मिलते ही विधायक शिव अरोरा घटनास्थल पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली। उन्होंने डीएम और एसएसपी से फोन पर वार्ता भी की। इसके अलावा पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल भी वहां पहुंचे और राहत बचाव कार्य के साथ ही नुकसान की जानकारी ली। इस दौरान लोग आग के फैलने से आशंकित रहे लेकिन आग नियंत्रित होने के बाद उन्होंने राहत की सांस ली।
स्क्रैप के गोदाम में अग्निकांड सुखा रहे जान
स्क्रैप के गोदाम में होने वाले अग्निकांड दमकल विभाग के लिए आफत के साथ ही आसपास रहने वालों की जान सुखा रहे हैं। स्क्रैप में बेकाबू होकर उठने वाली आग डरावनी लपटें दहशत का सबब बन जाती हैं। अधिकांश गोदामों में आग बुझाने के इंतजाम नाकाफी रहते हैं। तीन महीने पहले रुद्रपुर में 17 स्क्रैप के गोदाम आग की भेंट चढ़ गए थे। हीलाहवाली का आलम यह है कि महुआखेड़ागंज में 17 फैक्टरियों और गोदामों को सीएफओ की ओर से अंतिम नोटिस देने के बाद भी आग बुझाने के इंतजाम नहीं किए गए।
दरअसल जिले में बड़ी संख्या में स्क्रैप के गोदाम हैं। इनमें से कई गोदाम तो आबादी के बीच में हैं। इन गोदामों में बड़ी मात्रा में प्लास्टिक का कबाड़ रहता है। बेहद संवेदशील होने के बावजूद गोदामों में आग बुझाने के इंतजाम नहीं किए जाते हैं। गोदाम संचालकों की लापरवाही अग्निकांड के समय भारी पड़ती है। बीते 14 जून को किच्छा हाईवे पर स्क्रैप के गोदाम में आग लग गई थी। आग से 17 गोदाम के साथ ही दो कच्चे घर भी खाक हो गए थे। वहीं आधा दर्जन से अधिक मकानों को खाली करना पड़ा था।
ताज्जुब की बात है कि तीन बार नोटिस भेजने के बावजूद गोदाम संचालकों ने नुकसान का ब्योरा अग्निशमन विभाग को नहीं दिया है। सीएफओ ईशान कटारिया ने बताया कि 17 फैक्टरी और गोदामों को अंतिम नोटिस देने के बाद भी संचालकों ने इंतजाम नहीं किए हैं। इस मामले में काशीपुर प्रशासन की मदद ली जा रही है ताकि इन जगहों पर नियमानुसार आग बुझाने के संसाधन हों। बताया कि रुद्रपुर में जून में स्क्रैप के गोदामों में आग लगी थी, उनके संचालक दो नोटिस देने के बाद भी नुकसान का ब्योरा नहीं दे पाए हैं। इसके बाद रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी जाएगी।