फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

== सीतापुर अस्पताल के जर्जर भवन से मरीजों और डाक्टरों को जान का खतरा

विज्ञापन
काशीपुर सीतापुर आई हॉस्पिटल का जर्जर भवन। - फोटो : KASHIPUR
विज्ञापन
काशीपुर। सीतापुर नेत्र चिकित्सालय नेत्र रोगियों के इलाज में मील का पत्थर साबित हो रहा है। हर रोज दर्जनों मरीज यहां आते हैं। सीतापुर आई हॉस्पिटल ट्रस्ट ने अस्पताल के लिए डाक्टर और आधुनिक उपकरण तो दिए, लेकिन रखरखाव के लिए पैसा न मिलने की वजह से भवन जर्जर हो चुका है।
विज्ञापन

1984 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी ने सीतापुर आई हॉस्पिटल ट्रस्ट को काशीपुर में अस्पताल खोलने के लिए तीन मंजिला भवन बनाकर दिया था। तीन एकड़ भूमि में बने इस भवन में 33 कमरे हैं। मरीजों के इलाज के लिए ट्रस्ट ने यहां डाक्टर और नर्सिग स्टाफ की तैनाती की। मरीजों के इलाज के लिए यहां आधुनिक मशीनें हैं और रोजाना 25 से 30 मरीज आते हैं। रखरखाव के अभाव में भवन की छत टपक रही है, कई कमरों का प्लास्टर उखड़ रहा है। अस्पताल भवन आधा घास से ढक गया है और पार्क में भी झाड़ियां उगी हैं।
अस्पताल प्रभारी डॉ. एके सारस्वत ने बताया कि विधायक हरभजन सिंह चीमा ने अपने पहले कार्यकाल में प्रदेश शास ने भवन मरम्मत के लिए बजट मंजूर कराने का प्रयास किया, लेकिन बजट नहीं मिला। 2019 में शासन से दो करोड़ रुपये मंजूर हुए, लेकिन आज तक पैसा नहीं मिला। पिछले माह पार्षद विनेश चौधरी की मांग पर नगर निगम ने भवन मरम्मत के लिए चार करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें