रुद्रपुर। ऊधमसिंह नगर जिले के सरकारी अस्पताल पहले ऑक्सीजन का उत्पादन करने वाली कंपनियों पर ही निर्भर था, लेकिन अब अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट स्थापित होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने ऑक्सीजन में आत्मनिर्भरता हासिल कर ली है।
कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान जिले में कुल 618 कोरोना संक्रमितों की मौत हुई थी। इनमें सबसे अधिक मौतें ऑक्सीजन की कमी के कारण हुईं। उसके बाद सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट स्थापित करने की दिशा में कदम उठाए गए। वर्तमान में सरकारी अस्पतालों में आठ ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किए गए हैं जिनमें प्रतिदिन 3550 एलपीएम (लीटर प्रति मिनट) ऑक्सीजन का उत्पादन हो रहा है। इससे मरीजों को राहत मिली है।
दो साल पहले जिले के अस्पतालों में ऑक्सीजन की काफी कमी थी, जिस कारण मरीजों व तीमारदारों को काफी दिक्कतें होती थीं, लेकिन अब ऑक्सीजन की सुविधा मिलने से राहत है। -विजय, रुद्रपुर।
सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं में ऑक्सीजन की सुविधा बढ़ने से आम आदमी को काफी राहत मिली है। इससे पहले जरूरत के समय ऑक्सीजन के महंगे सिलिंडर खरीदने पड़ते थे। -टीटू कोली, रुद्रपुर।
कोरोना महामारी के दौरान ऑक्सीजन की कमी से कई मरीजों की मौत हो गई थी, लेकिन बाद में ऑक्सीजन की उपलब्धता बढ़ने से मृत्यु दर में कमी आई। ऑक्सीजन उपलब्ध होने से स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार होगा। -गौरव कश्यप, रुद्रपुर।
जिले में ऑक्सीजन की उपलब्धता
प्लांट उत्पादन क्षमता
रुद्रपुर जिला अस्पताल 300 एलपीएम।
काशीपुर संयुक्त चिकित्सालय 500 एलपीएम।
नागरिक अस्पताल खटीमा 1,000 एलपीएम।
सीएचसी बाजपुर 500 एलपीएम।
सीएचसी किच्छा 500 एलपीएम।
सीएचसी गदरपुर 200 एलपीएम।
सीएचसी सितारगंज 250 एलपीएम।
सीएचसी जसपुर 200 एलपीएम।
विजय, रुद्रपुर।- फोटो : RUDRAPUR
रुद्रपुर जिला अस्पताल स्थित ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट।- फोटो : RUDRAPUR