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पंतनगर विवि दीक्षांत समारोह: राज्यपाल ने पं. गोविंद बल्लभ पंत को दी श्रद्धांजलि, विद्यार्थियों को दी बधाई

Tue, 07 Nov 2023 02:06 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, ऊधम सिंह नगर

सार

राज्यपाल गुरमीत सिंह (Governor gurmit singh) ने कहा कि विश्वविद्यालय का नाम महान स्वतंत्रता सेनानी, भारत रत्न पं. गोविन्द बल्लभ पंत की स्मृति में, गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय किया गया। 
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राज्यपाल गुरमीत सिंह - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पंतनगर विवि के 35वां दीक्षांत समारोह में पहुंचे राज्यपाल गुरमीत सिंह (Governor gurmit singh) ने कहा कि विश्वविद्यालय का नाम महान स्वतंत्रता सेनानी, भारत रत्न पं. गोविंद बल्लभ पंत की स्मृति में, गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय किया गया। स्वर्गीय पंत ने इस विश्वविद्यालय के निर्माण में अभूतपूर्व योगदान दिया था, ये उनकी दूरगामी सोच का ही परिणाम है कि आज यह विश्वविद्यालय देश व विदेश में प्रतिष्ठित संस्थान के रूप में विख्यात है। आज इस अवसर पर, मैं उन्हें अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं ।

देश में हरित क्रांति लाने में इस विश्वविद्यालय का विशेष योगदान रहा है, जिसके फलस्वरूप हमारा देश Food Grain Production में न सिर्फ आत्मनिर्भर बना है, बल्कि आज हम कृषि उपज के प्रमुख निर्यातकों में से एक हैं। मैं, आप सभी छात्र-छात्राओं को जिन्हें आज उपाधियों से विभूषित किया जा रहा है हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। मैं विश्वविद्यालय के शिक्षकगण और आपके अभिभावकों को भी हार्दिक बधाई देता हूं। मुझे विश्वास है कि आज उपाधि प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थी भारत जैसे विविधतापूर्ण एव गतिशील देश की विरासत को और अधिक समृद्ध और भविष्य को और अधिक सशक्त बनाने में अपना योगदान देंगे।

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उन्होंने आगे कहा कि आज आप अथक परिश्रम के बाद, डिग्रियों एवं मेडल्स को प्राप्त कर उत्साह से भरे हुए है। आज आप अपने ज्ञान, बुद्धि एवं मूल्यों के द्वारा अपने समाज को और अधिक उन्नत करने का प्रण भी ले रहे हैं। शिक्षा केवल डिग्री ले लेना ही नहीं है, बल्कि यह आत्म ज्ञान की प्राप्ति, सशक्तिकरण एवं परिवर्तन का माध्यम भी है। शिक्षा आपके जीवनयापन का माध्यम ही नहीं है, बल्कि यह देश के कल्याण के लिए भी बेहद अहम है।

विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों की बुद्धिमता एवं उनके चरित्र का विकास होता है। इस अवसर पर, मैं यहां की फैकल्टी द्वारा आपके बौद्धिक विकास तथा आपको भविष्य की चुनौतियों को तैयार करने के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं ।
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उन्होंने कहा प्रिय विद्यार्थियों, यह हमारा सौभाग्य है कि हम आज ऐसे भारत के साक्षी बन रहे हैं, जो ज्ञान, विज्ञान, कला, अर्थव्यवस्था, तकनीकी हर क्षेत्र में आगे बढ़कर दुनिया का नेतृत्व कर रहा है। अभी दो माह पूर्व ही हमारे चन्द्रयान ने चन्द्रमा पर सफल लैंडिंग की है। जी-20 का सफल आयोजन कर, हमने भारत की यशकीर्ति को दुनिया में फैलते हुए स्वयं देखा है। इतिहास में पहली बार एशियन गेम्स में हमें 100 से अधिक मेडल प्राप्त हुए।

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