पंतनगर विवि के 35वां दीक्षांत समारोह में पहुंचे राज्यपाल गुरमीत सिंह (Governor gurmit singh) ने कहा कि विश्वविद्यालय का नाम महान स्वतंत्रता सेनानी, भारत रत्न पं. गोविंद बल्लभ पंत की स्मृति में, गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय किया गया। स्वर्गीय पंत ने इस विश्वविद्यालय के निर्माण में अभूतपूर्व योगदान दिया था, ये उनकी दूरगामी सोच का ही परिणाम है कि आज यह विश्वविद्यालय देश व विदेश में प्रतिष्ठित संस्थान के रूप में विख्यात है। आज इस अवसर पर, मैं उन्हें अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं ।
देश में हरित क्रांति लाने में इस विश्वविद्यालय का विशेष योगदान रहा है, जिसके फलस्वरूप हमारा देश Food Grain Production में न सिर्फ आत्मनिर्भर बना है, बल्कि आज हम कृषि उपज के प्रमुख निर्यातकों में से एक हैं। मैं, आप सभी छात्र-छात्राओं को जिन्हें आज उपाधियों से विभूषित किया जा रहा है हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। मैं विश्वविद्यालय के शिक्षकगण और आपके अभिभावकों को भी हार्दिक बधाई देता हूं। मुझे विश्वास है कि आज उपाधि प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थी भारत जैसे विविधतापूर्ण एव गतिशील देश की विरासत को और अधिक समृद्ध और भविष्य को और अधिक सशक्त बनाने में अपना योगदान देंगे।