डॉ. गौरव अग्रवाल, फिजिशियन, रुद्रपुर जिला अस्पताल।
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आपदा के बाद जिला अस्पताल में पहली बार पांच लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई है। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। डेंगूू की रोकथाम के लिए आपदा प्रभावित क्षेत्रों में शिविरों में लोगों को पैरासिटामोल आदि दवाइयां बांटी जा रही हैं।
जगतपुरा और शिवनगर के 10 लोगों में डेंगू के लक्षण मिलने पर उनकी एलाइजा जांच करवाई गई थी। इनमें से पांच संक्रमितों को डेंगू वार्ड में भर्ती किया गया था। जिनकी एलाइजा जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी सतर्क हो गए हैं। आपदा प्रभावित क्षेत्रों में मरीजों को दवाइयां बांटने के साथ ही लोगों को डेंगू बुखार को लेकर जागरुक किया जा रहा है।
इधर, जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 20 से अधिक लोगों में डेंगू के शुरुआती लक्षण मिल रहे हैं। गंभीर मरीजों के एलाइजा जांच के साथ ही उन्हें डेंगू वार्ड में भर्ती कराया जा रहा है। जिला अस्पताल में अब तक करीब 20 लोगों की एलाइजा जांच हो चुकी है। सूत्रों का कहना है कि कम लोगों की एलाइजा जांच होने के कारण डेंगू के मरीज भी कम निकल रहे हैं। यदि पर्याप्त संख्या में एलाइजा जांच हो, तो डेंगू बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ सकती है। वर्ष 2019 में जिले में 1284 लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई थी।
पांच मरीजों में डेंगू के लक्षण मिलने पर उन्हें वार्ड भर्ती कराया था। एलाइजा टेस्ट में सभी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। मरीजों का इलाज चल रहा है। यदि लोगों में डेंगू के शुरुआती लक्षण मिलते हैं तो वे डॉक्टर की सलाह से पैरासिटामोल खा सकते हैं।
-डॉ. गौरव अग्रवाल, फिजिशियन, जिला अस्पताल।