सितारगंज। मंगलवार को एक महिला ने सितारगंज कोतवाली गेट पर कैरोसीन ऑयल डालकर आत्मदाह करने का प्रयास किया। आरोप लगाया कि पुलिस ने उसके पुत्र बिना प्राथमिकी दर्ज कर तीन दिनों तक पूछताछ के लिए कोतवाली में बिठाए रखा। 18 दिसंबर को गांव सरकड़ा निवासी धर्मेंद्र कश्यप ने एडवांस रुपये न देने से नाराज जहानाबाद, पीलीभीत (यूपी) निवासी करन और नन्हें पर उसकी टेंट की दुकान में आग लगाने का आरोप लगाया था। वहीं, मामले में पुलिस ने मंगलवार शाम को दोनों आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किया है।
इधर, नन्हे के जीजा राहुल दिवाकर ने बताया कि नन्हें किच्छा की एक कंपनी में काम करता है। घटना के दिन आरोपी करन ने फोन कर एक्सीडेंट होने की बात कहकर उसे लेने के लिए सितारगंज बुलाया था। बताया कि पुलिस ने 20 दिसंबर से दोनों को पूछताछ के लिए कोतवाली में बिठाए रखा है। वह पिछले तीन दिनों से कोतवाली के चक्कर काट रहे हैं। पुलिस उनकी सुनवाई नहीं कर रही है। इससे नाराज होकर सास रामबेटी ने मंगलवार को अपने ऊपर कैरोसीन डाल लिया। सीओ बीएस धौनी ने बताया कि दोनों आरोपी युवकों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज किया है। मामले की विवेचना की जा रही है। संवाद