रुद्रपुर पेयजल निगम कार्यालय में धरना प्रदर्शन करते इंजीनियर व कर्मचारी।
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पेयजल निगम और जलसंस्थान के एकीकरण और राजकीयकरण की मांग को लेकर दूसरे दिन भी पेयजल निगम परिसर में अधिकारी और कर्मचारी धरने पर डटे रहे। अधिकारी कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति ने 28 अक्तूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की रणनीति बनाई है।
मंगलवार को अधिकारी कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति के आह्वान पर पेयजल निगम कार्यालय में धरना प्रदर्शन किया गया। कर्मचारियों ने कहा कि वह अपने कार्यों को पूरी ईमानदारी से कर रहे हैं। निगम प्रबंधन की ओर से वेतन पेंशन में कोई रुचि नहीं ली जा रही है, जबकि पेयजल निगम एक राजकीय निगम है।
निगम होने के नाते वेतन पेंशन भत्तों का दायित्व राज्य सरकार का है। धरना प्रदर्शन में पेयजल निगम को राजकीय विभाग घोषित किए जाने की मांग उठायी गई है। इसके साथ ही 28 अक्तूबर को पूरी तरह से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की रणनीति बनाई गई है। वहां इंजीनियर मृदुला सिंह, बीसी जोशी, एससी भट्ट, जिला संयोजक ललित जोशी, दीपक चनियाल, विपिन चक्रवती, अर्चित पाठक, पल्लवी चौधरी आदि थे।