खटीमा। राजकीय प्राथमिक विद्यालय बड़ी बगुलिया के सहायक अध्यापक मोहन सिंह बिष्ट (मोहन दा) को शैलेश मटियानी पुरस्कार दिए जाने की घोषणा से सीमांत क्षेत्र के शिक्षक-शिक्षिकाओं और बुद्धिजीवियों ने खुशी व्यक्त की है। उन्हें पढ़ाई के तौर तरीकों में बदलाव का इनाम मिला है।
मूल रूप से ग्रमा डूगरा भनोली (अल्मोड़ा) निवासी मोहन सिंह आवास विकास कालोनी में रहते हैं। 11 नवंबर 2005 को बगुलिया प्राथमिक स्कूल मे बच्चों को आधुनिक शिक्षा देने का कार्य किया था।
उन्होंने सरकारी संसाधनों के अतिरिक्त भी व्यक्तिगत खर्चा उठाकर प्राथमिक विद्यालय को आधुनिक रूप, पढ़ाई के तौर तरीकों में बदलाव किया था। सुदूरवर्ती ग्रामीणों के बच्चों को पढ़ाने के लिए वह घर-घर जाते हैं। उनके स्कूल की लगातार बढ़ती गई। इस समय स्कूल में 100 से अधिक बच्चे पढ़ रहे हैं।
मोहन सिंह के प्रयास
- संसाधनों के अभाव में गरीब बच्चों को पढ़ाई संबंधी जरूरी सामग्री उपलब्ध कराई।
-नि:शुल्क अतिरिक्त कक्षा लगाकर उन्हें मैथ्स विजार्ड में ब्लॉक, जिला एवं प्रदेश स्तर पर प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान दिलाया।
- विद्यालय में ज्ञान-विज्ञान, वाद-विवाद, खेलकूद प्रतियोगिता में हर बच्चे की सहभागिता के प्रयास करते हैं।
-उनके मार्गदर्शन में अब 20 से 25 बच्चे राजीव गांधी नवोदय विद्यालय में प्रवेश पा चुके है।
-लॉकडाउन के दौरान घर-घर जाकर बच्चों को पढ़ाने और पिछले एक साल से लगातार ऑनलाइन क्लास के माध्यम से बच्चों को नवोदय स्कूल एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कराई गई।
इन्होंने जताई खुशी
माडर्न यूटोपियन सोसायटी अध्यक्ष डॉ. सीएस जोशी, सचिव पूरन बिष्ट, नरेंद्र रौतेला, डॉ. राज सक्सेना, अंजू भट्ट, टिवंकल दत्ता, दीपक फर्त्याल, जीडी जोशी, पंकज भट्ट, दया भट्ट, ताजवर खत्री, त्रिलोचन जोशी ने शिक्षक मोहन सिह बिष्ट को शैलेश मटियानी पुरस्कार से सम्मानित होने पर बधाई दी है।
मोहन सिंह बिष्ट। संवाद- फोटो : KHATIMA