बच्चों को पढ़ाती उप शिक्षाधिकारी गीतिका जोशी।
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उप शिक्षा अधिकारी गीतिका जोशी ने ब्लॉक के विभिन्न विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान राजकीय प्राथमिक विद्यालय ब्रह्मनगर बंद मिला। उप शिक्षाधिकारी न बच्चों को बुलाकर स्वयं ही पढ़ाना शुरू कर दिया। बाद में शिक्षक आए तो आश्चर्य में पड़ गए।
सोमवार को उप शिक्षा अधिकारी ने काशीपुर विकासखंड के कई स्कूलों का निरीक्षण किया। सुबह लगभग 7.40 बजे वह ब्रह्मनगर स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय पहुंची। विद्यालय में 92 छात्र-छात्रा पंजीकृत हैं और चार अध्यापक कार्यरत हैं लेकिन विद्यालय बंद पाया गया। उन्होंने आसपास के लोगों के माध्यम से छात्रों व भोजन माताओं को स्कूल बुलाया और पठन-पाठन शुरू कराया। इस दौरान एक अध्यापक सुबह लगभग 8:05 बजे और दो अन्य शिक्षक 8:40 बजे स्कूल में पहुंचे। जबकि एक अध्यापिका कमलेश अनुपस्थित रहीं। उन्होंने अवकाश की कोई सूचना विद्यालय में नहीं दी थी।
उप शिक्षाधिकारी ने राजकीय प्राथमिक विद्यालय गुलजारपुर का भी निरीक्षण किया। यहां कार्यरत दो अध्यापकों में से प्रधानाध्यापक आकस्मिक अवकाश पर थे। वहीं 53 छात्रों में से 40 छात्र उपस्थित मिले। इसके बाद उन्होंने जगतपुर स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण किया जिसमें तीन अध्यापक कार्यरत हैं और तीनों ही उपस्थित पाए गए। जबकि पंजीकृत 72 छात्रों में से 23 छात्र-छात्रा ही उपस्थित थे।
इसके बाद ग्राम रजपुरा रानी स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय का 12:35 बजे निरीक्षण किया। इस विद्यालय में प्रधानाध्यापक समेत सात अध्यापक तैनात है लेकिन एक प्रधानाध्यापक ब्रहमपाल सिंह उपस्थित मिले। अध्यापक रवि कुमार, नृपेंद्र कुमार, मीनू गोयल, शशिपाल सिंह, रंजना चौहान व धर्मेंद्र कुमार अनुपस्थित पाए गए।
देर से आने और जल्दी जाने पर कटेगा वेतन : उप शिक्षाधिकारी
काशीपुर। उपशिक्षा अधिकारी ने बताया निरीक्षण के दौरान विभिन्न स्कूलों में कई खामियां मिलीं हैं। इनको एक सप्ताह के भीतर दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने अनुपस्थित अध्यापकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की बात कही। साथ ही उन्होंने बताया सभी अध्यापकों को निर्देशित किया गया कि जिन विद्यालयों में एक पाली में कक्षाएं संचालित हो रही हैं, उन विद्यालयों के अध्यापक पूर्ण समय विद्यालय में बने रहेंगे। 11 बजे के बाद शिक्षक डायरी में कार्य पूर्ण करेंगे। छात्रों की कॉपियां चेक करेंगे। कहा विलंब से स्कूल आने व जल्दी विद्यालय छोड़ने वाले अध्यापकों का एक दिन का वेतन काटा जाएगा।