रिटायर्ड स्वास्थ्य अधिकारी को लगाई थी साढ़े 10 लाख की चपत
रुद्रपुर। उत्तराखंड एसटीएफ की साइबर टीम ने फंड रिलीज कराने का झांसा देकर रिटायर्ड अधिकारी से लाखों रुपये की ठगी करने वाले आरोपी को यूपी के इटावा से गिरफ्तार किया है। पेशे से ट्रक चालक आरोपी ने खुद को ट्रेजरी अधिकारी बताकर ठगी को अंजाम दिया है। साइबर पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। एक मामले में एक आरोपी को पहले ही जेल भेजा जा चुका है।
रविवार को एसटीएफ एसएसपी आयुष अग्रवाल ने बताया कि अक्तूबर 2022 में हल्द्वानी कोतवाली में एक रिटायर्ड स्वास्थ्य अधिकारी ने 10,50,400 रुपये की धोखाधड़ी होने का केस दर्ज कराया था। अनजान व्यक्ति ने खुद को ट्रेजरी अफसर बताकर रिटायरमेंट पर मिलने वाले वाले फंड को रिलीज कराने का झांसा देकर मोबाइल पर भेजे लिंक से खाते से रुपये निकाल लिए थे।
पुलिस मुख्यालय के आदेश पर हल्द्वानी कोतवाली से विवेचना रुद्रपुर स्थित साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन कुमाऊं परिक्षेत्र के प्रभारी निरीक्षक ललित मोहन जोशी को सौंपी गई। इसमें मुख्य आरोपी अभिषेक शॉ निवासी कोककाता को पूर्व में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। मामले में विशाल सिंह निवासी ग्राम अजबपुर असवा थाना बढ़पुरा जिला इटावा का नाम प्रकाश में आया। जनवरी से उसकी तलाश की जा रही थी। एसटीएफ ने उसकी तलाश में कई राज्यों में दबिश दी लेकिन शातिर अपनी लोकेशन बदल रहा था।
शनिवार देर रात विशाल सिंह को इटावा से पकड़ा गया। बताया कि वह पेशे से ट्रक चालक है। उसने अपने साथी अभिषेक शा के साथ मिलकर फर्जी ट्रेजरी अधिकारी बनकर सरकारी नौकरी से रिटायर्ड कर्मियों से उनके फंड, ग्रेच्युटी आदि की रकम को उनके बैंक खातो में स्थानांतरित करने के नाम पर लिंक भेजकर खातों से लाखों की धोखाधड़ी की है। इसके लिए वे फर्जी सिम, सोशल मीडिया प्रोफाइल और खातों का प्रयोग करते है। गिरफ्तार आरोपी के विभिन्न राज्यों में ठगी की घटनाएं करने की आशंका है। बताया कि दूसरे राज्यों की पुलिस के साथ संपर्क कर विशाल के बारे में जानकारी साझा की जा रही है। बताया कि विशाल के कब्जे से कई बैंकों के डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, पासबुक और मोबाइल फोन बरामद हुए हैं।
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लोगों से अपील
- किसी भी प्रकार के लोक लुभावने अवसर, फर्जी वेबसाइट, धनराशि दोगुना करने के लालच में न आएं
- यू ट्यूब लाइक, टेलीग्राम आधारित निवेश वेबसाइट ऑफर में निवेश न करें
- सोशल मीडिया पर अंजान व्यक्ति से दोस्ती न करें।
- किसी भी अंजान कॉल आने पर लालच में न आएं
- अंजान कॉलर की सत्यता की जांच करे और दस्तावेज साझा न करें
- ऑनलाइन नौकरी के लिए आवेदन से पहले वेबसाइट का सत्यापन जरूर कर लें
- गूगल से किसी भी कस्टमर केयर नम्बर सर्च न करें
फोटो 13पी: यूपी के इटावा से दबोचा गया साइबर ठग।