पंतनगर। कोहरे में कम दृश्यता के चलते लगातार हवाई सेवा बाधित हो रही है। एयरपोर्ट पर डीएमई और डीवीओआर उपकरण कराने की कवायद भी ठंडे बस्ते में है। इस सिस्टम के लगने से कम दृश्यता में भी विमान एयरपोर्ट पर उतर सकते हैं।
औद्योगिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण पंतनगर एयरपोर्ट में कोहरे के चलते करीब एक माह से विमानों का संचालन ठप पड़ा है। पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तारीकरण की योजना भी धरातल पर नहीं उतर सकी है। विशेषज्ञ बताते हैं कि यदि मौजूदा एयरपोर्ट में ही डीएमई-डीवीओआर उपकरण लगा दिए जाएं तो पंतनगर से संचालित उड़ानें कम दृश्यता में निरस्त नहीं करनी पड़ेंगी।
यूएस से आयात होने थे उपकरण
जनवरी 2019 में तत्कालीन डायरेक्टर एसके सिंह ने एयरपोर्ट पर डीएमई (डिस्टेंस मीजरिंग इक्यूपमेंट) और डीवीओआर (डाॅप्लर वेरी हाई फ्रिक्वेंसी डाइरेक्शनल ओमिनी रेंज) लगाने की कवायद शुरू की थी। तब बताया गया था कि इसे यूएस से 80 करोड़ रुपये में आयात किया जाएगा। इसके लिए दिल्ली से पंतनगर पहुंची चार सदस्यीय टीम ने चार दिन में सर्वे पूरा कर लिया था। लेकिन इसके बाद यह पूरी कवायद परवान नहीं चढ़ सकी थी।
उपकरण लगने से क्या होगा
हवा की स्थिति के हिसाब से विमान के उड़ान भरने से पहुंचने तक डीएमई उसे कैलकुलेट करके बताता है। वहीं डीवीओआर लैंडिंग के समय विजिबिलिटी कम होने पर रन-वे की स्थिति और एक्युरेसी देता है, जिससे पायलट को विमान उतारने में आसानी होती है। इन दोनों उपकरणों के लगने से पंतनगर एयरपोर्ट पर लो-विजिबिलिटी की समस्या से निजात मिल जाएगी।
चार वर्ष पूर्व पंतनगर में डीएमई और डीवीओआर को लेकर हुई कार्यवाही की जानकारी नहीं है। यदि ये उपकरण एयरपोर्ट में लग जाएं तो निश्चित ही कम दृश्यता के चलते उड़ानों को निरस्त नहीं करना पड़ेगा। एयरपोर्ट के विस्तारीकरण की प्रक्रिया चल रही है, सरकार के चिन्हित भूमि हस्तांतरित करते ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा। सुमित सक्सेना, डायरेक्टर, पंतनगर एयरपोर्ट।
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