जिला अस्पताल की डिजिटल एक्स-रे मशीन दो माह से खराब पड़ी है। एक्स-रे कराने के लिये अस्पताल आने वाले मरीजों को निजी अस्पतालों की ओर रुख करना पड़ रहा है। इसकी मरम्मत में मात्र 10 हजार रुपये का खर्च आएगा। डीएम के आदेश के बाद भी मशीन ठीक नहीं कराई गई।
जिला अस्पताल में डिजिटल एक्स-रे की सुविधा होने के बाद जिलेभर के दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाले मरीजों की संख्या में काफी इजाफा हुआ था। इसमें साधारण मशीन की तुलना में जांच रिपोर्ट अधिक साफ दिखती है, जिसकी मदद से डॉक्टरों को टूटी हड्डी और फ्रैक्चर आसानी से दिखाई दे जाता है।
अब वहीं मशीन खराब होने के बाद मरीजों को डिजिटल एक्स-रे मशीन की सुविधा नहीं मिल पा रही है। हर रोज औसतन 40 मरीजों को जिला अस्पताल से निजी अस्पताल का रुख करना पड़ रहा है। किच्छा के ग्रामीण क्षेत्र से एक्सरे कराने पहुंचे रहमत अली ने बताया कि मशीन खराब होने से एक्स-रे नहीं हो पाया।
परिजनों ने बताया मजबूरन उन्हें निजी अस्पताल में महंगे दाम पर एक्स-रे कराना पड़ेगा। 27 जून को बैठक के दौरान डीएम डॉ. नीरज खैरवाल ने अस्पताल प्रशासन को जल्द मशीन ठीक कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन अभी तक डीएम के आदेश का पालन नहीं किया गया है।
60 लाख रुपये कीमत की है मशीन
रुद्रपुर। जिला अस्पताल की डिजिटल एक्सरे मशीन की कीमत करीब 60 लाख रुपये बताई जा रही है। इतनी बड़ी रकम मरीजों की सुविधा के लिए खर्च की गई, इसके बावजूद मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल रहा। बताया जा रहा है कि मशीन को चलाने वाली लेदर की बेल्ट टूट चुकी है, जिसकी कीमत मात्र दस हजार रुपये है।
जिला अस्पताल में डिजिटल एक्स-रे का शुल्क - 195
निजी अस्पतालों में डिजिटल एक्स-रे का शुल्क - 300 से लेकर 700 तक।
डिजिटल एक्सरे मशीन ठीक कराने के लिये कंपनी से संपर्क साधा जा रहा है। निदेशालय को भी मशीन की स्थिति के बारे में लिखा जा चुका है। फिलहाल मशीन को सही कराने की कोशिश की जा रही है।
-डॉ. अमिता उप्रेती, पीएमएस जिला अस्पताल रुद्रपुर