रुद्रपुर। मेडिकल कॉलेज के ओपीडी ब्लॉक में जल्द ही कैंसर रोगियों के लिए डिटेक्शन सेंटर की स्थापना होगी। इससे अब जिले में कैंसर रोगियों को स्क्रीनिंग और बेहतर इलाज की सुविधा मिल सकेगी। मेडिकल काॅलेज ने डिटेक्शन सेंटर खोलने की कवायद भी शुरू कर दी है। सेंटर में आधुनिक मशीनों व कई किस्म के उपकरण लगाए जाएंगे।
जिले में कैंसर की जांच व उनके बेहतर इलाज की सुविधा की कमी से रोगियों को परेशानी उठानी पड़ती है। जिला अस्पताल में महिलाओं में होने वाले स्तन कैंसर की जांच के लिए एकमात्र डिजिटल मैमोग्राफी मशीन संचालित है। जिसे प्रशिक्षित नर्सों के जरिये चलाया जा रहा है। इसके अलावा ग्राम पंचायतों के हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर कार्यरत कम्युनिटी हेल्थ अफसरों को कैंसर रोगियों की स्क्रीनिंग का जिम्मा सौंपा गया है। इससे कैंसर रोगी चिह्नित हो रहे हैं, लेकिन उनमें होने वाले कैंसर की अवस्था का सटीक पता नहीं चल पाता है। जिससे रोगियों को कैंसर की जांच व इलाज के लिए निजी या दूसरे जिलों के सरकारी अस्पतालों में जाना पड़ रहा है।
अब कैंसर की जांच व इलाज के लिए रोगियों को बाहरी अस्पतालों के चक्कर काटने नहीं पड़ेंगे। मेडिकल काॅलेज की ओर से ओपीडी ब्लॉक के भवनों में कैंसर डिटेक्शन सेंटर खोला जाएगा। इसके लिए तीन कक्षों को तैयार किया जा रहा है। करीब 40 लाख की कीमत से आधुनिक मशीन व विभिन्न अंगों के अलग-अलग किस्म के डिटेक्शन टूल्स लगाए जाएंगे। डिटेक्शन सेंटर में मरीजों की कैंसर जांच के लिए लैब होगी। जहां कैंसर की प्रारंभिक अवस्था का पता लगाया जाएगा। साथ ही चिकित्सीय प्रशिक्षण कार्यशाला भी बनेगी। जहां प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सकों व नर्सों को कैंसर की पहचान का प्रशिक्षण दिया जाएगा। ताकि ब्लॉक स्तर पर भी कैंसर रोगियों की आसानी से स्क्रीनिंग हो सके। सेंटर में महिलाओं में होने वाले सर्वाइकल व स्तन कैंसर की भी स्क्रीनिंग होगी।
ओपीडी ब्लॉक के भवन में ही कैंसर डिटेक्शन सेंटर खोलने की कवायद चल रही है। करीब 40 लाख रुपये की लागत से सेंटर बनकर तैयार होगा। यहां कैंसर रोगियों की जांच और इलाज की सुविधा होगी और चिकित्सकों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। अगले वित्तीय वर्ष में टूल्स के लिए बजट मिलेगा। -डॉ. केदार सिंह शाही, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज रुद्रपुर।