गदरपुर ब्लॉक के 13 स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने इस दीपावली पर्व के लिए 450 स्वदेशी एलईडी झालरें बनाकर 90 हजार रुपये की आमदनी की है। एक झालर का पैकेट महिलाओं ने 200 रुपये का बेचा है। सरकार की ओर से जल्द पांच लाख रुपये का बजट मिलने पर महिलाएं बड़े स्तर पर एलईडी झालर बना सकेंगी।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गदरपुर ब्लॉक के 13 समूहों की महिलाओं को बैंक ऑफ बड़ौदा की आरसेटी संस्था की ओर से पिछले साल दिसंबर में छह दिवसीय एलईडी बल्ब और झालर बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। इसके बाद कलक्ट्रेट और विकास भवन में भी 26 जनवरी को महिलाओं के हाथों से तैयार की गई एलईडी झालरें लगाई गई थीं। ग्रामीण महिलाओं के इस हुनर की डीएम रंजना राजगुरू भी सराहना कर चुकी हैं।
गदरपुर के ब्लॉक मिशन मैनेजर तौफीक मियां ने बताया कि 35 महिलाओं ने आर्डर मिलने पर दीपावली पर्व के लिए 450 झालरें तैयार कर दीं थी। 10 से 13 मीटर लंबी प्रत्येक झालरों को 200 रुपये में बेचा गया है। बताया कि एलईडी झालरें पूरी तरह से स्वदेशी है। छह दिन के प्रशिक्षण में ही महिलाओं ने एलईडी झालर बनाना सीख लिया है।
गदरपुर ब्लॉक की महिलाओं को एलईडी झालर व बल्ब बनाने का प्रशिक्षण दिया गया था। महिलाओं की ओर से दीपावली के लिए झालरें बनाई गईं हैं। इन्हें अन्य समूह की महिलाओं व गांव में बेचा जाता है। झालरें पूरी तरह से स्वदेशी हैं। धीरे-धीरे महिलाओं की ओर से बड़े स्तर पर झालरें बनाई जाएंगी। फिर इन्हें ऑनलाइन भी बेचा जाएगा। -हिमांशु जोशी, परियोजना निदेशक, ग्राम्य विकास विभाग।
गदरपुर में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की ओर से बनाई गई एलईडी झालर।- फोटो : RUDRAPUR