बाजपुर के गांव बैंतखेड़ी में आयोजित समागम में शबद कीर्तन करते रागी जत्थे।
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बाजपुर। गांव बैंतखेड़ी स्थित गुरुद्वारा में श्री गुरु ग्रंथ साहिब का प्रकाश पर्व और ब्रह्म ज्ञानी बाबा बुड्डा साहिब ग्रंथी स्थापना दिवस धूमधाम के साथ मनाया गया। इस दौरान बाहर से आए रागी जत्थों, कथावाचकों ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब की महिमा का गुणगान करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया।
रविवार को गांव बैंतखेड़ी स्थित श्री गुरु हरगोविंद साहिब गुरुद्वारा में आयोजित महान गुरमत समागम में दरबार साहिब अमृतसर से आए कथावाचक ज्ञानी जसवंत सिंह, ब्रह्म ज्ञानी बुड्डा साहिब ग्रंथी सभा के प्रधान ज्ञानी भजन सिंह, बैंतखेड़ी गुरुद्वारा साहिब के हैड ग्रंथी ज्ञानी जोगा सिंह, ग्रंथी अमरेंद्र सिंह, कुलदीप सिंह, बलवंत सिंह, रणधीर सिंह ने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का पहला प्रकाश 1604 को श्री हरिमिंदर साहिब अमृतसर में हुआ। श्री गुरु ग्रंथ साहिब ही साक्षात गुरु हैं जो हमें जातपात से ऊपर उठकर सभी धर्मों को सम्मान देते हुए मानवता का संदेश देते हैं। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी में सभी धर्मों की वाणी सम्मलित है। समागम के अवसर पर दीवान साहिब सजाए गए। समागम के दौरान बाहर से आए कथावाचकों, ग्रंथी सहित अन्य अतिथियों को सरोपा देकर सम्मानित किया गया। दूर दराज से पहुंची संगत ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष मत्था टेका और गुरु के लंगर का प्रसाद ग्रहण किया। मौके पर गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी प्रधान जोगेंद्र सिंह, कुलविंदर सिंह किंदा, जगतार सिंह बाजवा, सुखदेव सिंह, प्रभजोत सिंह, हरदीप सिंह, सुरजीत सिंह, महकराज सिंह, जसविंदर सिंह जस्सी आदि थे।