पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर एक ही परिवार के सात लोगों के खिलाफ किशोरी को बहलाकर अगवा, दुष्कर्म और मारपीट करने के मामले में केस दर्ज किया है। क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति ने सीजेएम कोर्ट में दाखिल परिवाद में कहा था कि उसके बेटे के शिवनगर निवासी दोस्त अमित सागर का उनके घर में आना-जाना था।
आरोप है कि अमित उनकी नाबालिग पुत्री को 25 जून 2018 को भगा ले गया। जानकारी होने पर वह लोकलाज के भय से शांत रहे। बीती 29 अप्रैल को पता चला कि अमित के परिजनों ने उसकी बेटी को भूखा रखकर घर में बंद कर दिया है। अमित ने उसकी पुत्री के साथ कई बार दुष्कर्म भी किया। बेटी के उत्पीड़न की जानकारी के बाद उन्होंने अपनी पुत्री को अमित के घर से छुड़ाया।
अमित और उसके परिजनों ने बेटी के साथ मारपीट की थी। इसकी तहरीर ट्रांजिट कैंप पुलिस को दी गई लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, उल्टा उनको ही थाने में बैठा दिया। आरोप है कि पुलिस दूसरे पक्ष से मिलकर उन पर समझौते का दबाव बनाने लगी थी। बेटी का इलाज कराने पर उसकी नाक की हड्डी टूटी हुई मिली।
इधर, 30 अप्रैल को आरोपी ने उनकी बेटी के साथ खींची गई अश्लील फोटो को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। साथ ही उनके परिवार को धमकी भी दी गई। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने आरोपी अमित सागर, उसके पिता राम किशोर, मां आशा देवी, बहन बबली, उसके जीजा राजकुमार, दो बहनों साक्षी और स्वाति के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।