गदरपुर के नेतानगर में कागरसेन नदी में खुदान करती पोकलेन मशीन। संवाद
रुद्रपुर। मानसून सत्र के नजदीक आते ही नदी, नालों की साफ सफाई का कार्य भी तेजी से किया जा रहा है। 15 जून से पहले क्षेत्र की तीन नदियों समेत सात नालों में जमी सिल्ट हटाकर उन्हें गहरा और साफ सुथरा बनाया जाएगा।
वर्षाकाल के दिनों में नदी व नालों के उफान पर आने से बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो जाती है। पिछली बार तो जल निकासी की समस्या के कारण रुद्रपुर के रविंद्रनगर, भूतबंगला, खेड़ा, रंपुरा, इंदिरा काॅलोनी, सिंह काॅलोनी समेत कई जगह तीन फीट तक जलभराव हो गया था। इससे शहरवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ा था। इस बार बरसात से पहले ही सिंचाई विभाग जल निकासी के लिए नदी-नालों की साफ सफाई में जुट गया है।
विभाग की ओर से करीब 71 लाख रुपये की लागत से गदरपुर के बरखेड़ा गांव में खजिया नदी, नेताजीनगर की कागरसेन नदी, रुद्रपुर के तीन पानी स्थित बैगुल नदी के साथ-साथ किच्छा के जवाहरनगर में पाहा नाला, वनखंडी नाला, आनंदपुर नाला और कालीनगर में नाले में जमी सिल्ट का खोदान कर उन्हें गहरा व चौड़ा किया जा रहा है। नालों में जमा गंदगी को साफ कर उन्हें स्वच्छ भी बनाया जा रहा है। इन नदी व नालों में सिल्ट खोदान के बाद बरसात में पानी आसानी से निकल सकेगा और बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न नहीं होगी।
खंड क्षेत्र की तीन नदी और चार नालों में सिल्ट खोदान का काम हो रहा है। जेसीबी और पोकलेन मशीन लगातार चल रही हैं। बरसात से पहले ये सभी नदी, नाले साफ सुथरे और गहरे हो जाएंगे। इसके बाद इन नदी व नालों में बारिश का पानी ओवरफ्लो नहीं होगा। -प्रकाश चंद्र पांडेय, ईई सिंचाई खंड रुद्रपुर।