रुद्रपुर में धान खरीद पर चर्चा करते तराई किसान संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष तजेंद्र विर्क।
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धान खरीद में व्याप्त भ्रष्टाचार को खत्म करने और किसानों को एमएसपी की गारंटी देने की मांग के लिए बुधवार को तराई किसान संगठन की बैठक आयोजित की। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष तजेंद्र सिंह विर्क ने पदाधिकारियों के साथ आगामी खरीफ विपणन सत्र पर चर्चा की।
गोल मार्केट स्थित गुरुद्वारे में आयोजित बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष विर्क ने कहा कि ऊधमसिंह नगर को कृषि उत्पादकता के कारण देश का मिनी पंजाब कहा जाता है। उत्तराखंड की करीब 95 प्रतिशत धान व गेहूं की खरीद इसी जिले से होती है। प्रदेश अपनी खाद्यान्न जरूरतों के लिए ऊधमसिंह नगर पर निर्भर है। इसके बावजूद प्रतिवर्ष धान खरीद के दौरान आढ़तियों, कमीशन एजेंटों से लेकर क्रय केंद्रों पर किसानों को ठगा जाता है।
आढ़ती नए-नए बहाने बनाकर किसानों का धान औने-पौने दाम पर खरीदता है। कई क्रय केंद्र प्रभारियों की सांठगांठ मिल मालिकों से होती है जिस कारण वह किसानों का धान खरीदने में आनाकानी करते हैं। यदि कच्चा आढ़ती यानी कमीशन एजेंट की व्यवस्था ईमानदारी से लागू की जाए तो किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य मिल सकता है। आठ सितंबर को उत्तराखंड के मुख्य सचिव से मुलाकात कर उन्हें धान खरीद में होने वाली समस्याओं से अवगत कराया है।
विगत वर्षों में कच्चा आढ़ती यानी कमीशन एजेंट की खरीद के नाम पर किसानों से जो लूट हुई है, वह बंद होनी चाहिए। 17 सितंबर को रुद्रपुर में होने जा रही किसान संगठनों की बैठक में धान खरीद पर आम सहमति बनाकर संघर्ष की रणनीति बनाई जाएगी। वहां तराई किसान संगठन के प्रदेश अध्यक्ष सलविंदर सिंह कलसी, सिख संगठन के अध्यक्ष संतोख सिंह रंधावा, अमनदीप सिंह, मलूक सिंह, सुखवंत सिंह आदि थे।