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नगर निगम की बजट बैठक में हंगामा, पार्षदों ने किया बहिष्कार

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काशीपुर में नगर निगम बोर्ड की बैठक में भाग लेते मेयर, अधिकारी व पार्षद। - फोटो : KASHIPUR
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काशीपुर। नगर निगम की बजट बैठक में जमकर हंगामा हुआ। अधिकारियों पर सुनवाई न करने का आरोप लगाते हुए पार्षदों ने हंगामा किया और नारेबाजी करते हुए बैठक छोड़कर चले गए। उन्हें मनाने के लिए मेयर को पीछे दौड़ लगानी पड़ी। पार्षदों ने एसएनए और जेई के कामकाज पर नाराजगी जताते हुए उनके तबादले की मांग की। अमृत योजना में रोड कटिंग की मद में राशि जमा का विवरण न मिलने पर भी पार्षदों ने आक्रोश जताया।
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शनिवार को नगरनिगम की मैराथन बैठक करीब छह घंटे लंबी चली। शुरुआत से ही पार्षदों के तेवर तीखे रहे। टैक्स वसूली का लक्ष्य पिछड़ने पर अधिकारी पार्षदों के निशाने पर रहे। निगम की ओर से बताया गया कि स्वकर योजना वर्ष 2021-22 में लागू की गई है। भवन कर की मद में सिर्फ 33 फीसदी वसूली ही हो पाई है। अधिकतर वार्डों से बुके वापस नहीं लौटी है। पिछले साल की करीब 1.48 करोड़ रुपये की वसूली हुई थी।
इस साल 1.46 करोड़ रुपये का टैक्स वसूला जा चुका है। नगरायुक्त विवेक राय ने बताया कि निगम क्षेत्र में संपत्तियों का डाटा एकत्र कर स्वामियों को नोटिस भेजे जाएंगे और जरूरी हुआ तो वसूली के लिए आरसी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। बताया कि नए शामिल वार्डों के वाणिज्यिक भवनों से टैक्स वसूलने से राजस्व कुछ बढ़ा है। बैठक में होर्डिंग्स और तहबाजारी टैक्स बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। निगम ने होर्डिंग्स की संख्या बढ़ाकर 61 सेे 161 करने का निर्णय लिया।
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लाइसेंस फीस और निगम की दुकानों का किराया बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। पार्षद राजकुमार सेठी ने दुकानों का किराया बढ़ाने का विरोध किया। पार्षद दीपक कांडपाल ने निगम में व्यापक अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए पूरे कार्यकाल की एसआईटी जांच कराने की मांग रखी। उन्होंने निजी बाजारों से टैक्स वसूली में भी धांधली का आरोप लगाया। पार्षद अनिल कुमार ने वार्डों में पर्यावरण मित्रों की संख्या बढ़ाने और चैती परिसर में महिला व पुरुष शौचालय बनाए जाने की मांग रखी।
पार्षद फिरोज अहमद ने कहा कि जो ठेकेदार कई वर्षों से काम नहीं कर रहे हैं, ऐसे ठेकेदारों के पंजीकरण रद्द किए जाएं। पार्षद माजिद अली ने अमृत योजना में रोड कटिंग की मद में जमा कराई गई राशि के बारे में जानकारी चाही लेकिन जेई ने इस पर कोई जवाब नहीं दे सके। इससेे पार्षदों का आक्रोश भड़क उठा। गुस्साए पार्षदों ने अधिकारियों पर सुनवाई न करने का आरोप लगाते हुए बैठक का बहिष्कार कर दिया। पार्षद बैठक से निकलकर मेयर के कार्यालय में आ गए। पीछे से पहुंचीं मेयर ऊषा चौधरी पार्षदों को किसी तरह मनाकर वापस ले गई। बैठक में एसएनए आलोक कुमार, फईम खां, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कमलजीत सिंह के अलावा पार्षद थे।
हर वार्ड में बोर्ड पर दर्ज होगा विकास कार्यों का विवरण
काशीपुर। निगम बोर्ड की बैठक में पार्षद निधि तय करने की मांग भी जोर शोर से उठाई गई। पार्षद मनोज बाली ने कहा कि निगम में पार्षदों को अधिकारविहीन रखा गया है। वार्ड में मामूली काम कराने के लिए भी पार्षदों को अधिकारियों के चक्कर काटने पड़ते हैं। ऐसे में पार्षदों के लिए अलग से निधि तय की जानी चाहिए। बैठक में तय किया गया कि निगम की ओर से प्रत्येक वार्ड में बोर्ड लगाया जाएगा जिसमें उस वार्ड में हुए कार्यों का ब्योरा उपलब्ध रहेगा। संवाद
एसएनए और जेई के कामकाज को लेकर पार्षदों में नाराजगी थी। पार्षदों की ओर से इस संबंध में कोई लिखित शिकायत आती है तो उसे अग्रिम कार्रवाई के लिए शासन को भेज दिया जाएगा। एजेंडे में शामिल सभी प्रस्ताव ध्वनिमत से पारित कर दिए गए हैं।
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विवेक राय, नगरायुक्त काशीपुर नगरनिगम।
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