धान की सरकारी खरीद के लिए सहकारिता विभाग ने चार केंद्र कम कर दिए जबकि खाद्य विभाग ने दो केंद्र बढ़ा दिए। इससे किसान भड़क गए। उन्होंने धान खरीद केंद्र बढ़ाए जाने की मांग पर बैठक में हंगामा किया। राइस मिल एसोसिएशन ने पिछले साल का बकाया 350 करोड़ रुपये का 30 सितंबर तक भुगतान नहीं होने पर खरीद न करने की चेतावनी दी है।
सोमवार देर शाम एसडीएम आकांक्षा वर्मा की अध्यक्षता में उनके ही कार्यालय सभागार में भारतीय किसान यूनियन, राइस मिलर्स, सहकारिता, खाद्य विभाग के अधिकारियों की बैठक हुई। बैठक में सबसे पहले नमी पर पिछले वर्षों के दौरान किसान और राइस मिलों के बीच हुए समझौते पर ही धान की सरकारी खरीद पर चर्चा हुई। अपर जिला सहकारी अधिकारी प्रेम प्रकाश ने बताया कि इस साल सहकारिता के 10, नेफेड का एक और खाद्य विभाग के चार धान खरीद केंद्र स्थापित हो रहे है जबकि पिछले साल अकेले सहकारिता के 14 केंद्र थे।
किसानों ने आरोप लगाया है कि धान खरीद में जानबूझ कर राइस मिल नमी अधिक दिखा कर कटौती अधिक करते हैं। धान तौलने के लिए आढ़ती कई चक्कर लगवाते हैं। चोरी छिपे यूपी के किसानों का धान खरीद कर लिमिट पूरी करते हैं। खाद्य विभाग के एसएमओ दिनेश चन्द्र ने बताया कि खाद्य विभाग के पास भुगतान की कमी नहीं होगी। उन्होंने बताया कि धान खरीद की लिमिट प्रतिदिन 750 क्विंटल है।
किसानों ने धान खरीद केन्द्र की संख्या बढ़ाने की मांग पर खूब हंगामा किया। किसानों ने काशीपुर में कम से कम 36 धान खरीद केंद्र स्थापित करने की मांग की। किसानों ने कहा कि किसी भी हाल मे किसानों को शोषण नहीं होने दिया जाएगा। एसडीएम ने कहा कि अगर किसान यूनियन धान खरीद केंद्रों की संख्या बढ़ाना चाहती है तो इस संबंध में आवेदन करें। वह डीएम को धान खरीद केन्द्रों की संख्या बढ़ाने की संस्तुति करेंगी।
इस दौरान राइस मिलर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष सचिन गोयल ने कहा राइस मिलों का सरकार पर पिछले साल का लगभग 350 करोड़ रुपये बाकी हैं। अगर 30 सितंबर तक भुगतान नहीं हुआ तो राइस मिल धान नहीं खरीदेंगी। एसडीएम ने कहा कि जिन किसानों ने पिछले साल पंजीकरण कराया था वही इस साल भी रहेंगे। उनका नया रजिस्ट्रेशन नहीं कराना पड़ेगा। काशीपुर क्षेत्र के राइस मिलों मे यूपी के किसानों का धान नहीं तुलेगा।
उन्होंने कहा कि शीघ्र ही सभी पक्षों की फिर बैठक बुलाई जाएगी। सरकार किसानों को हर तरह की सुविधाएं दे रही है। बैठक में राइस मिलर्स एसोसिएशन के प्रदेश संरक्षक दिवाकर यादव, हिमांशु अरोरा, दीपक, कुलदीप सिंह, किसान नेता वलजिंदर सिंह सिद्धू, टीका सैनी, कल्याण सिंह, प्रताप विर्क, मनप्रीत, राजू छीना आदि थे।