धान खरीद बंद होने से गुस्साए किसानों ने हंगामा कर कुछ देर जाम लगाया। इस दौरान सड़क पर दोनों तरफ वाहनों की कतार लग गई। मौके पर पहुंची पुलिस और किसानों के बीच झड़प हो गई। कोतवाल ने समझाकर जाम खुलवाया। धान खरीद के लिए पोर्टल न खुलने और भुगतान न होने पर किसानों ने शनिवार को धरना देने की चेतावनी दी।
भाकियू प्रदेशाध्यक्ष करम सिंह पड्डा के नेतृत्व में बुधवार को कई किसान मंडी समिति परिसर में एकत्र हुए। वहां से जुलूस के रूप मेें शहीद भगत सिंह चौक पहुंचे। किसानों ने प्रदर्शन कर जाम लगाया। इससे हल्द्वानी स्टेट हाईवे पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। सूचना पर पुलिस ने किसानों से जाम खोलने का अनुरोध किया लेकिन किसान नहीं माने। बाद में उन्हें कोतवाल रमेश तनवार ने मनाया।
उसके बाद किसानों ने एसडीएम दफ्तर पहुंचकर एसडीएम आरसी तिवारी को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने कहा कि जल्द ही धान खरीद के लिए पोर्टल शुरू खोलकर भुगतान नहीं किया गया तो 48 घंटे के बाद शहीद भगत सिंह चौक पर बेमियादी धरना दिया जाएगा। किसानों ने कहा कि धान खरीद बंद कर दी गई। गन्ना और धान का भुगतान तक नहीं किया जा रहा है जबकि सरकार ने किसानों को धान खरीदने और भुगतान भी जल्द करने का आश्वासन दिया था। वहां किसान बल्ली सिंह चीमा, विक्की रंधावा, प्रताप सिंह संधू, हरपीत सिंह, हरभजन सिंह, दलीप सिंह, दलजीत सिंह आदि थे।
गन्ना खरीद और बकाया धान भुगतान की मांग के लिए धरना
सितारगंज। गन्ना खरीद और बकाया धान भुगतान की मांग के लिए कांग्रेसियों ने एसडीएम दफ्तर में प्रदर्शन किया। उन्होंने एसडीएम के माध्यम से सीएम को मांगपत्र भेजकर मांगें पूर्ण करने की मांग की। चेतावनी दी कि मांगें न मानने पर अनिश्चितकालीन प्रदर्शन किया जाएगा। आरोप लगाया कि सरकार ने चुनाव में लाभ लेने के लिए चीनी मिल को बिना तैयारी के लिए चला दिया।
बुधवार को कांग्रेस प्रदेश सचिव नवतेज पाल सिंह के नेतृत्व में कांग्रेसी एसडीएम दफ्तर पहुंचे और मिल के सुचारु रूप से न चलने पर आक्रोश जताते हुए धरने पर बैठ गए। प्रदेश सचिव नवतेज ने कहा कि सरकार ने धान खरीद के 24 घंटे में धान का भुगतान देने का आश्वासन दिया था लेकिन हजारों किसानों के धान का भुगतान बकाया है। किसानों का खरीदा धान भी नहीं चढ़ाया गया है। सरकार ने किसानों का पूरा धान भी नहीं खरीदा।
आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने चार साल पहले चीनी मिल बंद कर दी। अब करोड़ों रुपये खर्च कर चीनी मिल ठेके पर चलाई जा रही है। गन्ना किसान कई दिनों से गन्ना बेचने के लिए क्रय केंद्रों में लगे हैं। किसानों का कटा गन्ना सूख रहा है। जितनी चीनी बनी है उसकी भी गुणवत्ता ठीक नहीं है और चीनी भी मटमैली उत्पादित हो रही है। उन्होंने चीनी मिल की मरम्मत करने तक सितारगंज, नानकमत्ता, खटीमा क्षेत्र का गन्ना गत वर्षों की तरह किच्छा, बाजपुर व बहेड़ी चीनीमिल को डायवर्ट करने की मांग की। चेतावनी दी कि यदि जल्द गन्ना किसानों की मांगों का समाधान नहीं हुआ तो अनिश्चितकालीन आंदोलन किया जाएगा। धरने पर कांग्रेस के नगराध्यक्ष हरपाल सिंह, गुरसेवक सिंह महार, प्रभजोत सिंह, यूसुफ मलिक, सरताज अहमद, संदीप बावा, मुख्त्यार अंसारी, जसवंत सिंह जस्सा, आजम मलिक, सचिन गंगवार आदि बैठे थे।
डीएम से मिला किसानों का शिष्टमंडल
सितारगंज। सितारगंज व खटीमा के किसानों का शिष्टमंडल डीएम युगल किशोर पंत से मिला और चीनी मिल की स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने किसानों के गन्ने को दूसरी चीनी मिलों में डायवर्ट करने की मांग की। किसान नेता प्रकाश तिवारी के नेतृत्व में शिष्टमंडल चीनी मिल के प्रशासक डीएम युगल किशोर पंत से मिला। किसानों ने कहा कि 24 दिनों में सितारगंज चीनी मिल ने करीब 96000 क्विंटल गन्ने की पेराई की। मिल की रोजाना पेराई की क्षमता 25000 क्विंटल है। इसके हिसाब से कुल चार दिन की पेराई का गन्ना 24 दिन में पेरा गया है। कहा कि चीनी मिल की हालत बदतर है। इससे मिल का संचालन होना मुश्किल लगता है। तकनीकी खामियों की वजह से मिल पिछले करीब 60 घंटों से बंद है। आरोप लगाया कि मिल की मरम्मत व संचालन भी संतोषजनक नहीं है। इस कारण मिल में खामियां सामने आ रही हैं। उन्होंने सितारगंज चीनी मिल का गन्ना दूसरी मिलों को डायवर्ट करने की मांग की। किसानों से मिल की स्थिति जानने के बाद डीएम ने एक तकनीकी टीम का गठन कर जल्द ही मिल की तकनीकी जांच कराने का आश्वासन दिया। वहां नितिन रस्तोगी, कश्मीर सिंह, शिव शंकर यादव, बलविंदर सिंह, मंगल सिंह, बलदेव सिंह आदि थे।
रुद्रपुर में डीएम से मिलता किसानों का शिष्टमंडल।- फोटो : SITARGANJ
सितारगंज में धरने पर बैठे कांग्रेसी।- फोटो : SITARGANJ
बाजपुर शहीद भगत सिंह चौक पर पुलिस से झड़प करते ।- फोटो : BAZPUR
बाजपुर शहीद भगत सिंह चौक पर धरना देकर जाम लगाते किसान।- फोटो : BAZPUR