प्रशासन ने अवैध कॉलोनियों के खिलाफ जांच जैसे ही शुरू की, अवैध कालोनियों की परतें उखड़ने लगी हैं। काशीपुर रोड स्थित पाम ग्रीन ने 5.99 हेक्टेअर कृषि भूमि में लैंड यूज बदले बिना और नक्शा पास कराए बगैर कॉलोनी काट कई प्लाट भी बेच दिए। इससे सरकार को करोड़ों रुपये राजस्व की हानि तो हुई, वहीं सैकड़ों परिवारों के घरों पर ध्वस्तीकरण का खतरा मंडराने लगा है।
सिडकुल आने के बाद जिले में कॉलोनियों की बाढ़ सी लग गई है। इस दौरान प्रापर्टी डीलरों ने मोटा मुनाफा कमाने के लिए मानकों का उल्लंघन कर कॉलोनियों को काटना शुरू कर दिया। इसी क्रम में 2012 में एक बिल्डर ने काशीपुर रोड से लगती हुई गांव कोलड़ा में कृषि भूमि खरीदी।
बिना लैंड यूज बदले और नक्शा पास कराए वहां पाम ग्रीन नाम से कॉलोनी काट दी और एक महिला को कॉलोनी के प्लाट बेचने के लिए पावर ऑफ अटर्नी दे दी। लोगों की शिकायत पर प्रशासन ने जब इस कॉलोनी की जांच की तो कालोनी अवैध निकली। प्रशासन ने 2012 में कार्रवाई करते हुए पाम ग्रीन को अवैध कॉलोनी में डाल दिया था।