हर किसान की तरह राणा परिवार भी बारिश का इंतजार कर रहा था। इंतजार खत्म होने पर उनकी बदकिस्मती से भेंट हो जाएगी। सोमवार सुबह सीजन की पहली बारिश में खेत में रोपाई के दौरान बिजली गिरने से उन्होंने बेटे के रूप में अपने घर के चिराग को तो खोया ही, इकलौती बेटी की मौत से उनके परिवार की रौनक भी चली गई। दोनों बच्चों की मौत से परिजनों को रो-रोकर बुरा हाल है। गांव की सुनसानी को चीरता मां का करुण क्रंदन लोगों को रुला रहा है।
परिजनों ने बताया कि लंबे समय से इंतजार के बाद भी बारिश न होने के कारण सैजना निवासी गोविंद सिंह ने अपने खेतों में धान की रोपाई शुरू की थी। रविवार रात को उनके परिवार ने खेतों में ट्यूबवेल से पानी भरा था ताकि सोमवार सुबह धान की रोपाई कर सकें। सुबह गोविंद अपनी मां संक्रांति देवी, बहन सुहावनी और भाई सुमित के साथ खेत मे धान की रोपाई कर रहे थे। इस दौरान अचानक बारिश हुई तो उनके चेहरे खिले ही थे कि अचानक बिजली गिरने से सुहावनी और सुमित बुरी तरह झुलस गए। गोविंद ने बताया कि इस वर्ष सुहावनी का विवाह करने की तैयारी थी, लेकिन ईश्वर को कुछ और ही मंजूर था। उन्होंने बताया कि सुमित मजदूरी करता था। वह तीन भाइयों और एक बहन में चौथे नंबर का था, जबकि सुहावनी दूसरे नंबर की थी।
जिसने भी दुखद घटना के बारे में सुना, वह अस्पताल पहुंचा
मुख्यमंत्री राहत कोष से सहायता दिलाने का आश्वासन
पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे भाजपा कार्यकर्ताओं ने मृतकों के परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से सहायता दिलाने तथा पीड़ित परिवार की हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया।
खटीमा में दो साल पहले भी बिजली गिरने से हुई थी महिला की मौत