गदरपुर में कंबल से लदा हुआ वाहन।
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वीडियो सर्विलांस टीम ने गूलरभोज क्षेत्र में बंट रहे 418 कंबल जब्त कर दिए। इन्हें दो बसों में भरकर लाया गया था। पुलिस ने इस मामले में दोनों बसों के चालकों समेत सात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। दोनों बसों को सीज किया गया है।
शुक्रवार को गूलरभोज क्षेत्र के कैनाल कॉलोनी नंबर दो में दिनेशपुर क्षेत्र के एक एनजीओ से जुड़े लोग दो बसों में कंबल लेकर पहुंचे थे। कंबल बांटे जाने का सिलसिला शुरू ही हुआ था कि वीडियो सर्विलांस टीम मौके पर पहुंच गई। टीम के प्रभारी शिवशंकर पांडे और नेम सिंह ने एनजीओ से कंबलों के बांटने की अनुमति दिखाने को कहा। एनजीओ से जुड़े लोग कोई पुख्ता प्रमाण नहीं दिखा पाए। उन्होंने बताया कि सिडकुल स्थित एक कंपनी ने सीएसआर फंड के तहत सूचीबद्ध किए गए लोगों को कंबल बांटने के लिए भेजे थे। टीम ने एआरओ उदय प्रताप सिंह को अवगत कराया। उनके निर्देश पर गदरपुर थाने के प्रभारी निरीक्षक विजेंद्र शाह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस टीम दोनों बसे कब्जे में लेकर तहसील मुख्यालय स्थित चुनाव कार्यालय पहुंची।
इस बीच कंपनी के नार्थ हेड मौके पर आ गए। उन्होंने बताया कि सीएसआर फंड के तहत कंबल बांटने के लिए लाए गए थे। एआरओ उदय प्रताप सिंह ने बिना अनुमति के कंबल बांटे जाने को आचार संहिता का उल्लंघन मानते हुए पुलिस को विधिक कार्रवाई करने के दिशा निर्देश दिए। गदरपुर थाना पुलिस ने बस चालक नारायण दत्त, सुरजीत सिंह के साथ ही विनीता, शालिनी सिंह, ज्योति, भावना और चंद्रकांत के खिलाफ धारा 188 के तहत मुकदमा पंजीकृत कर लिया है। इधर, कंबल वितरण को लेकर सियासी दलों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाने शुरू कर दिए हैं। सीओ वंदना वर्मा ने बताया कि कंबलों समेत बसों को सीज कर दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। उधर, क्षेत्र में चर्चा थी कि एक राजनीतिक दल को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से कंबल लाए गए थे।