शहर में रंपुरा के बाद अब ट्रांजिट कैंप थाने (Transit Camp Police) में पुलिस की ओर से लोगों के साथ गलत बर्ताव का मामला सामने आया है। किच्छा ग्रामीण मंडल महिला मोर्चा अध्यक्ष का आरोप है कि मारपीट मामले में जख्मी लड़की का केस दर्ज कराने की मांग करने पर एसएचओ ने उनको गंदी गालियां दी बल्कि उनका मोबाइल छीनवाकर 20 मिनट तक अलग कमरे में बैठाए रखा।
महिला और पुरुष कर्मियों ने उनके साथ धक्का मुक्की की इससे उनके गाल के पास खरोंच भी आई है। इधर, एसएसपी का कहना है कि महिला नेता की ओर से ही पुलिसकर्मियों से बदतमीजी की गई है।
गंगापुर रोड में दो पक्षों के बीच विवाद में मारपीट हुई थी। इसमें एक पक्ष की दो लड़कियों को चोटें आई थी।
बृहस्पतिवार की शाम किच्छा ग्रामीण मंडल अध्यक्ष दीपा राय कुछ कार्यकर्ताओं के साथ लड़की की ओर से केस दर्ज कराने के लिए थाने पहुंची थी। दीपा का आरोप है कि पुलिस दूसरे पक्ष की तरफदारी कर रही थी। दो बार तहरीर के बावजूद रिसीविंग नहीं देने पर उन्होंने नाराजगी जताई थी। दीपा का आरोप है कि एसएचओ ने उनको अपने कार्यालय कक्ष में बुलाकर गालियां दी। दो महिला और एक पुरुष कर्मी ने उनके साथ धक्कामुक्की की और मोबाइल छीन लिया। उनके साथ आए कार्यकर्ताओं को थाने से बाहर कर दिया गया और उनको करीब 20 मिनट तक अलग कमरे में बैठाए रखा।
जब मामले में उच्चाधिकारियों से शिकायत हुई तो वे गलती मानने लगे और उनको छोड़ दिया। कहा कि जब पुलिस ने उनके साथ इतना गलत व्यवहार किया है तो आम आदमी के साथ कैसा सलूक करती होगी। इस मामले में एसएसपी से शिकायत करने के साथ ही पार्टी नेताओं को भी जानकारी दे दी गई है। इधर, एसएचओ सुंदरम शर्मा ने बताया कि महिला ने अमर्यादित शब्दों ने इस्तेमाल किया और उनके मातहतों के साथ गालीगलौज की थी। महिला चाहती थी कि पीड़ित के खिलाफ पॉक्सो का केस दर्ज किया जाए। महिला के साथ गालीगलौच के आरोप बेबुनियाद हैं।
एसएचओ का कहना है कि महिला नेता मारपीट के मामले में अभियुक्त पक्ष की ओर से पैरवी कर रही थी और जो पक्ष पीड़ित है उस पर ही पाॅक्सो एक्ट में गलत केस दर्ज कराने का दबाव बना रही थी। महिला नेत्री ने पुलिस से गलत व्यवहार और बदतमीजी की है। कहा कि इस मामले में विस्तृत जानकारी ली जा रही है। फिलहाल जांच जैसा कोई विषय नहीं है।
- मंजूनाथ टीसी, एसएसपी।
कुछ समय से विवादों से रहा है इस ट्रांजिट कैंप थाने का नाता
ट्रांजिट कैंप थाने का कुछ समय से विवादों से नाता रहा है। बीते मई में ट्रांजिट कैंप पुलिस पर सत्यापन के नाम पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए भाजपा नगर अध्यक्ष सहित कार्यकर्ताओं ने थाने का घेराव किया था। एक टेलर ने एक अधिकारी पर वर्दी सिलवाने के रेट को लेकर हुए विवाद के बाद उत्पीड़न का आरोप लगाया था। उसका कहना था कि एक अधिकारी ने उसके दुकान के बाहर खड़ी बाइक को कागज होने के बावजूद सीज कर दिया था।
यह मामला कप्तान तक भी पहुंचा था। इसी थाने में एक अधिकारी पर उसके ही कर्मचारियों से गालीगलौज का आरोप लगा था। एक भाजपा नेता से मारपीट के आरोप में एक दरोगा को हटाना पड़ा था। तमाम विवादों के बावजूद एक अधिकारी पर खास मेहरबानी बनी हुई है।