जिले में एडीएम नजूल जगदीश चंद्र कांडपाल का शासन ने तबादला कर दिया है, लेकिन कांडपाल ने सबसे अधिक चार साल तीन महीने तक एडीएम रहने का रिकॉर्ड बनाया है। उन्होंने अपने कार्यकाल में ईमानदार अधिकारी की छवि कायम रखी, हालांकि एक बार कर्मचारियों ने उनके खिलाफ मोर्चा भी खोल दिया था।
जिले में जगदीश चंद्र कांडपाल 11 मई 2017 को एडीएम नजूल, प्रशासन पद पर आसीन हुए थे। उन्होंने अपने विभाग के साथ ही खास तौर पर शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में बेहतर कार्यों को अंजाम दिया। उन्होंने भ्रष्टाचार पर न सिर्फ अंकुश लगाया बल्कि जांच कर दोषियों पर कार्रवाई भी की।
मेडिकल कॉलेज के निर्माण कार्यों में हुई बड़ी गड़बड़ी उजागर की थी। धान खरीद घोटाले की जांच के साथ ही उन्होंने शासन को गड़बड़ी रोकने के लिए अहम सुझाव दिए थे, जो बाद में माने भी गए थे। कलक्ट्रेट के रिकॉर्ड रूम के साथ ही चकबंदी के रिकॉर्ड को भी व्यवस्थित कराया।
अब तक जिले में 26 अधिकारी एडीएम नजूल रह चुके है। इनमें सबसे अधिक कार्यकाल जगदीश चंद्र कांडपाल का है। सबसे पहले एडीएम नजूल इंद्र भूषण खंडूरी जुलाई 1977 से फरवरी 1978 तक रहे थे। दूसरे एडीएम भईयादीन अप्रैल 1978 से जुलाई 1981 तक रहे थे। शासन ने नए एडीएम के रूप में जयभारत सिंह को तैनात किया है और जगदीश कांडपाल को बाध्य प्रतीक्षा में रखा है।