काशीपुर क्लीनिक का निरीक्षण करती स्वास्थ्य विभाग की टीम।
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स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बुधवार को निजी क्लीनिकों पर छापा मारा। इस दौरान दो क्लीनिक बिना क्लीनिकल इस्टेबलिशमेंट एक्ट (सीईए) में पंजीकरण के चलते हुए मिले। टीम ने दोनों को बंद करा दिया और संचालकों को एक सप्ताह के अंदर सीईए में रजिस्ट्रेशन कराने का निर्देश दिया है। छापा मारने के दौरान एक लैब का संचालक लैब बंद कर चला गया।
बुधवार को कोविड नोडल अधिकारी डॉ. अमर जीत सिंह साहनी ने टीम के साथ महुआखेड़ागंज व नगर के आउटर क्षेत्र खड़कपुर देवीपुरा में निजी अस्पताल, पैथोलॉजी लैब और क्लीनिकों में छापा मारा। डॉ. अमरजीत सिंह ने बताया कि क्षेत्र में डेंगू के मरीज पाए जा रहे हैं। युवकों में नशे की प्रवृत्ति बढ़ रही है। इसी के चलते स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के अधिकारियों के निर्देश पर छापा मारा।
महुआखेड़ागंज में इंटर कॉलेज रोड पर स्थित अक्शा हेल्थ केयर सेंटर के निरीक्षण के दौरान एक मरीज भर्ती मिला। संचालक से क्लीनिक के सीईए में पंजीकरण से संबंधी दस्तावेज मांगे गए तो वह कोई दस्तावेज नहीं दिखा पाया। इस पर टीम ने क्लीनिक को बंद करा दिया। इसके बाद सेंट्रल पैथोलॉजी लैब का निरीक्षण करने टीम पहुंची लेकिन टीम के आने की भनक लगते ही संचालक लैब बंद कर मौके से खिसक गया। टीम ने इसके बाद खड़कपुर देवीपुरा में इलेक्ट्रो होम्योपैथी क्लीनिक का निरीक्षण किया। उसका संचालक भी सीईए से संबंधित पंजीकरण पत्रावली नहीं दिखा पाया। टीम ने इस क्लीनिक को भी बंद करा दिया। संचालक को एक सप्ताह में पंजीकरण कराने के बाद ही क्लीनिक खोलने का निर्देश दिया है। टीम में डॉ. अमर जीत सिंह साहनी, कनिष्ठ सहायक अभिषेक सिसोदिया, लोकेश कुमार और पुलिस कर्मी शामिल रहे।