प्रदेश में कृषि स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए आईआईएम और राज्य सरकार लगातार प्रयासरत है। इसी के चलते आईआईएम काशीपुर में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के सहयोग से पिछले पांच वर्षों से ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाया जा रहा है। इससे अब तक प्रदेश के 68 कृषि स्टार्टअप स्थापित हो चुके हैं, जबकि इस बार अलग-अलग क्षेत्रों के 30 स्टार्टअप को ट्रेनिंग के लिए चयनित किया गया है। इन स्टार्टअप को मंत्रालय के सहयोग से 25-25 लाख तक की फंडिंग भी मिलेगी।
भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) काशीपुर में प्रदेशभर से कृषि स्टार्टअप्स के लिए आवेदन मांगे गए थे। इनमें 73 उद्यमियों ने रजिस्टर किया था। उनमें से 30 स्टार्टअप को ट्रेनिंग प्रोग्राम के लिए चुना गया है। इस बार उद्यमी ड्रिप इरिगेशन, वेस्ट टू हेल्थ, कृषि मशीनीकरण, फूड प्रोसेसिंग व पशु आहार के आइडिया के सथ आए हैं। इनमें ज्यादातर स्टार्टअप आइडिया स्टेज के हैं, जिन्हें एक महीने की ट्रेनिंग देकर आगे बढ़ाया जाएगा।
संस्थान में एग्री बिजनेस इंक्यूबेशन प्रोग्राम आयोजित किया गया है। यह प्रोग्राम राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (आरकेवीवाई) की रफ्तार योजना के अंतर्गत राबी कार्यक्रम है। इस एक महीने के प्रोग्राम में उद्यमियों को इंडस्ट्री एक्सपर्ट और प्रोफेसर ट्रैनिंग देंगे, जिसमें उन्हें वित्त प्रबंधन, कृषि व्यवसाय की स्थिति, लॉजिस्टक एंड सप्लाई चैन, डिजिटल मार्केटिंग आदि के बारे में बताया जाएगा। इसके बाद उनके आइडिया स्टेज के स्टार्टअप के प्रोडक्ट स्टेज पर ले जाने में सहयोग किया जाएगा। -राम कुमार, सीईओ, फीड स्टार्टअप इंक्यूबेशन स्पेस
इन आइडिया के साथ उद्यमियों ने लिया हिस्सा
- ड्रिप इरिगेशन- यह सिंचाई की एक विशेष विधि है, जिससे पानी और खाद की बचत होती है।
- फार्म मैकेनिज्म- यानी कृषि मशीनीकरण के आइडिया के साथ आया है। उसका उद्देश्य मनुष्य व मवेशियों की जगह मशीन से खेती में काम लिया जाए और उसे आसान बनाया जाए।
- वेस्ट टू हेल्थ थीम - इसका उद्देश्य जंगली पौधों से फैब्रिक बनाकर कपड़े तैयार करना है। इस प्रकार वह पहाड़ों पर रोजगार भी सृजन कर सकेगा।
- फूड प्रोसेसिंग- इसके स्टार्टअप के तहत फलों व अन्य चीजों को प्रोसेस करके मार्केट में ब्रांड के तौर पर उतारना चाहता हैं। इससे कृषकों को मुनाफा भी बढ़ेगा और पहाड़ों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
प्रेजेंटेशन के आधार पर मिलेगा फंड
सौ स्टार्टअप को सहयोग करने की तैयारी
आईआईएम काशीपुर के फीड सेंटर ने सहयोग के जरिए आने वाले तीन सालों में 100 कृषि स्टार्टअप्स को आगे बढ़ाने का लक्ष्य बनाया है ताकि पहाड़ों से पलायन करने वाले युवाओं को दिशा मिल सके। इससे रोजगार का सृजन होगा और किसानों को आने वाली समस्याओं का समाधान मिलेगा। साथ ही प्रदेश में प्रोडक्शन भी बढ़ेगा।