रूद्रपुर। पॉस्को न्यायाधीश अश्वनी गौड़ ने सात साल की नाबालिग के साथ कुकृत्य के दोषी को 20 वर्ष के कठोर कारावास और 40 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
विशेष लोक अभियोजक विकास गुप्ता ने बताया है कि नवंबर 2021 में कोतवाली क्षेत्र की एक महिला ने रिपोर्ट दर्ज कराते हुए कहा कि उसकी सात साल की बच्ची घर के बाहर खेल रही थी। इस दौरान रंपुरा निवासी रिंकू कोली बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने घर ले गया। आरोपी ने बेटी को दस रुपये देकर कहा कि वह उसके साथ जो करेगा, उसे वह घर में नहीं बताएगी। रिंकू ने कमरा अंदर से बंद कर बच्ची के सारे कपड़े उतार कर अभद्र व्यवहार करते हुए दुराचार का प्रयास किया। आरोपी ने बच्ची के साथ मुख मैथुन किया और उसके मुख में पेशाब भी किया। बच्ची ने शोर मचा दिया और वहां से भाग कर घर आकर सारी बात मां को बताई। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर कुछ समय बाद ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के विरुद्ध पॉस्को न्यायाधीश अश्वनी गौड़ की कोर्ट में मुकदमा चला। विशेष लोक अभियोजक विकास गुप्ता ने सात गवाह पेश कर आरोप सिद्ध किया। बुधवार को पॉक्सो न्यायाधीश ने रिंकू कोली को 20 वर्ष के कठोर कारावास और 40 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाते हुए कहा कि जुर्माने की धनराशि पीड़िता बच्ची को मिलेगी। साथ ही सरकार को निर्देश दिए कि वह पीड़िता को प्रतिकर के रूप में चार लाख रुपए प्रदान करे।