रुद्रपुर के एबीसी सेंटर में निर्माणाधीन कैनल। संवाद
रुद्रपुर। नगर निगम की ओर से बनाए गए एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) सेंटर में कुत्तों को रखने के लिए नए कैनल का निर्माण किया जा रहा है। निगम का दावा है कि फरवरी में सेंटर में लावारिस कुत्तों की नसबंदी का कार्य शुरु हो जाएगा।
शहर में बड़ी संख्या में लावारिस कुत्ते सड़कों पर मंडराते रहते हैं। ठंड के मौसम में कई बार कुत्ते आक्रामक होकर राहगीरों को काटते हैं। रोजाना जिला अस्पताल में कुत्ते के काटने के 30 से 40 केस आ रहे हैं। नगर निगम की ओर से पशु अस्पताल के पीछे 27.87 लाख रुपये की लागत से चार साल पहले एबीसी सेंटर बनाया गया था। सेंटर में ऑपरेशन थियेटर, डाक्टर का चेंबर और कुत्तों को रखने के लिए कैनल बनाए गए थे। पहले निगम की सुस्ती और फिर तमाम अड़चनों के चलते एबीसी सेंटर शुरू नहीं हो सका था। कुछ समय पहले निगम की ओर से देहरादून की एक संस्था से सेंटर संचालन के लिए करार किया गया था। संस्था ने 17 और कैनल की जरूरत बताई थी। इसके बाद नए कैनल का निर्माण किया जा रहा है।
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देहरादून की ह्यूमेन इंटरनेशनल के साथ एबीसी सेंटर के संचालन के लिए करार हुआ है। संस्था की ओर से 36 कैनल की आवश्यकता बताई गई थी। इसके बाद साढ़े सात लाख की लागत से 17 कैनल और बनाए जा रहे हैं। एक कुत्ते को नसबंदी के लिए चार दिन रखना होता है। संस्था को प्रति कुत्ते के हिसाब से भुगतान निगम करेगा। फरवरी के पहले सप्ताह में सेंटर शुरू हो जाएगा। - नरेश दुर्गापाल, मुख्य नगर आयुक्त