फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उत्तराखंड में जंगल की आग से हर ओर धुंआ, लौटे सैलानी

Mon, 02 May 2016 10:56 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
जंगल में आग - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
पूरा उत्तराखंड जंगल की आग से दहक रहा है। प्रदेश के सभी 13 जिले रविवार को आग की चपेट में आ गए।
विज्ञापन


सरकारी आंकड़ों के हिसाब से शनिवार तक हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जंगल की आग से बचे हुए थे। बीते 24 घंटे में आग 136 जगह और लग गई। जिससे यहां आए सैलानियों को धुएं की वजह से हिमालय की चोटी दिखना बंद हो गई।

ऐसे में सैलानी लौटने लगे हैं। सरकारी आंकड़ों में आग से क्षति लाखों में दिखाई जा रही है, लेकिन हकीकत में आग ने बड़ा नुकसान किया है। वन संपदा और वन्य जीवों को बड़े पैमाने पर क्षति पहुंची है।
विज्ञापन


जंगल में आग की घटनाओं के थमने का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार को हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में एक भी घटना दर्ज नहीं हुई थी, लेकिन रविवार को ऊधम सिंह नगर में सात और हरिद्वार में आग की 40 घटनाएं दर्ज की गई।

संसाधनों और मैन पावर की कमी

एमआई 17 से बुझाई जा रही जंगलों की आग
शासन, प्रशासन और वन विभाग में संसाधनों और मैन पावर की कमी होने से आग पर काबू पाने में दिक्कत आ रही है। जलस्रोत सूखे हुए हैं। जंगलों को आग से बचाने के लिए शासन और वन विभाग बारिश की बाट जोह रहा है।

राज्यपाल डा. केके पाल ने स्वयं स्थिति की मानीटरिंग शुरू कर दी है। सभी जिलों के डीएम को आवश्यक निर्देश दिए जा रहे हैं। रविवार को राज्यपाल ने सलाहकारों के साथ बैठक की और आग से पहुंची क्षति की समीक्षा के निर्देश दिए।

एनडीआरएएफ, एसडीआरएफ, वन विभाग की टीमों के साथ सेना भी जंगल की आग बुझाने में लगी है। वायु सेना के हेलीकाप्टरों के साथ केंद्र सरकार का भेजा हुआ हेलीकाप्टर एमआई-17 भी बचाव कार्य में जुट गया है। वनों में आवश्यक आर्द्रता बनाए जलाशयों में पानी की व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं।

केंद्र सरकार से मदद के लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। वहीं पर्वतीय क्षेत्रों में घूमने आए सैलानियों को जंगल की आग की वजह से दिक्कत हो रही है। चारों तरफ धुआं भरा होने की वजह से लोग हिमालय की चोटी नहीं देख पा रहे हैं। आग की वजह से सैलानियों ने लौटना शुरू कर दिया है।
विज्ञापन

केंद्र से पहुंचा विशेषज्ञों का दल

एमआई 17 से बुझाई जा रही जंगलों की आग
आग के कारणों की पड़ताल और रोकथाम के उपाय के लिए रविवार को केंद्र से पहुंचे विशेष दल ने प्रदेश के आला अधिकारियों के साथ विचार विमर्श किया।

मुख्य सचिव के मुताबिक केंद्रीय दल ने मिट्टी की नमी को बचाए रखने के लिए जल संग्रहण आदि के उपाय करने और फायर लाइन की निरंतरता को बनाए रखने के लिए सुझाव दिया है।

सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के कारण एक निर्धारित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पेड़ों को काटकर फायर लाइन नहीं बनाई जा सकती। इसके लिए अब सर्वोच्च न्यायालय से इस पर पुनर्विचार का आग्रह किया जाएगा।

हाईकोर्ट में वनाग्नि से क्षति पर केंद्र आज पेश करेगा आंकड़े
उत्तराखंड में दवाग्नि से नुकसान को लेकर नैनीताल हाईकोर्ट में सोमवार को केंद्र सरकार और वन विभाग आंकड़े पेश करेगा।

मुख्य न्यायाधीश केएम जोसेफ एवं न्यायमूर्ति वीके बिष्ट की संयुक्त खंडपीठ ने 29 अप्रैल को एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान जंगल की आग से पशु-पक्षी और मानव जीवन को नुकसान पहुंचने के मामले को गंभीरता से लिया था। कोर्ट ने आग से नुकसान और रोकथाम को लेकर केंद्र और वन विभाग से जवाब भी तलब किया था।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें