बदरीधाम की यात्रा को लेकर तीर्थयात्रियों में भी उत्साह और उल्लास का माहौल देखने को मिल रहा है। यात्रा पड़ावों पर तीर्थयात्रियों की चहल-पहल शुरू हो गई है। धाम में अब तक करीब चार सौ वाहन पहुंच चुके हैं। कपाट खुलने के दौरान 10 हजार से अधिक तीर्थयात्रियों के धाम में पहुंचने की उम्मीद है। बदरीनाथ धाम को आर्किड और गेंदे के फूलों से सजाया गया है। सीमा सड़क संगठन की ओर से बदरीनाथ हाईवे को चाक-चौबंद रखने के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं।
इन पड़ावों पर मिलेगी खाने-पीने की व्यवस्था
बदरीनाथ यात्रा मार्ग पर गौचर, चटवापीपल, कर्णप्रयाग, लंगासू, भकुंडा, नंदप्रयाग, चमोली, मैठाणा, बिरही, मायापुर, पीपलकोटी, पाखी, हेलंग, जोशीमठ, गोविंदघाट और पांडुकेश्वर में रात्रि विश्राम की व्यवस्था है। पीपलकोटी, जोशीमठ, पांडुकेश्वर और गोविंदघाट पहुंचने पर एक दिन में ही बदरीनाथ के दर्शन कर शाम को रात्रि विश्राम के लिए पुन: इन्हीं पड़ावों में आया जा सकता है। प्रमुख पड़ावों में जीएमवीएन के गेस्ट हाउस भी हैं।
बदरीनाथ में आज का कार्यक्रम
सुबह 4.30 बजे ---- बदरीनाथ धाम के कपाट खुलेंगे।
सुबह नौ से एक बजे तक --- बदरीनाथ की महाभिषेक पूजा
अपराह्न तीन बजे ---- बदरीनाथ भगवान का भोग लगेगा
दोपहर एक बजे से आठ बजे रात्रि तक तीर्थयात्री दर्शन करेंगे
रात्रि नौ बजे --- बदरीनाथ की शयन आरती होगी।