बारिश के चलते ऑल वेदर रोड के डंपिंग जोन का मलबा डडुर गांव के खेतों से होते हुए घरों तक पहुंच गया है। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने बीआरओ के खिलाफ रोष जताते हुए शाम साढ़े पांच बजे ऋषिकेश-गंगोत्री हाईवे के तानगला में चक्का जाम कर दिया। मौके पर पहुंचे कानून-गो ने ग्रामीणों से जाम खोलने को कहा, लेकिन वह बीआरओ के सक्षम अधिकारी को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे। धरना स्थल पर किसी सक्षम अधिकारी के नहीं पहुंचने से ग्रामीण देर शाम तक भी धरने पर डटे रहे। ग्रामीणों के समर्थन में पूर्व काबीना मंत्री व उजपा के केंद्रीय अध्यक्ष दिनेश धनै भी धरने पर बैठे। समाचार लिखे जाने तक ग्रामीणों का धरना जारी है।
बृहस्पतिवार सुबह से बारिश होने से डडुर गांव के ऊपर बनाया गया डंपिंग जोन का मलबा ग्राम डडुर के नंदगांव नामे तोक में निवासरत ग्रामीणों के खेतों से होते हुए उनके घरों तक पहुंच गया। इससे गुस्साए ग्रामीण बृहस्पतिवार शाम करीब साढ़े पांच बजे तानगला में ऋषिकेश-गंगोत्री हाईवे पर आ धमके। उन्होंने बीआरओ के खिलाफ प्रदर्शन करने के साथ ही चक्का जाम कर दिया। इससे एनएच के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। मौके पर पहुंचे कानून-गो ओमप्रकाश नौटियाल ने उन्हें काफी समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण बीआरओ के किसी सक्षम अधिकारी को मौके पर बुलाने की मांग को लेकर अड़े रहे। देर शाम तक भी कोई सक्षम अधिकारी के मौके पर नहीं पहुंचने पर ग्रामीण धरने पर डटे रहे।
धरना देने वालों में सुमन प्रकाश, ओमकारी प्रसाद, दर्शन लाल, महावीर प्रसाद, अतर सिंह, चतर सिंह, सोबन सिंह, राजेंद्र सिंह, चंडी प्रसाद, श्याम सिंह और अमर सिंह आदि शामिल थे। मौके पर पहुंचे कानून-गो नौटियाल ने बताया कि ग्रामीण बीआरओ के सक्षम अधिकारी को मौके पर बुलाने की मांग कर रहे हैं, उनसे संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है।