ट्रेकिंग रूटों पर बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए पर्यटन विभाग की ओर से शुरू की गई ट्रेकिंग ट्रेक्शन योजना धरातल पर उतर गई है। ट्रेकिंग ट्रेक्शन के लिए चयनित घुत्तू, पिनस्वाड़ और नागटिब्बा कलस्टर के 22 लोगों के आवेदनों को स्वीकृति दे दी हैै। जल्द ही इन आवेदकों को पारंपरिक घरों के सौंदर्यीकरण और भवन निर्माण के लिए 25 से लेकर 60 हजार तक की धनराशि मिलेगी, जिससे ट्रेकिंग के लिए आने वाले पर्यटकों को इन घरों में खाने रहने की सुविधा मिलेगी। साथ ही ग्रामीण इससे अच्छी खासी धनराशि अर्जित कर अपनी आय बढ़ा सकते हैं, जबकि 50 से अधिक ग्रामीणों ने योजना के लिए आवेदन जमा कर दिए हैं।
सरकार पर्यटन के जरिए ग्रामीणों को गांव में ही स्वरोजगार से जोड़ने के लिए काम कर रही है। इसके लिए होम स्टे के साथ ही ट्रेकिंग ट्रेक्शन योजना शुरू की गई है। योजना के लिए प्रथम चरण में पंवाली कांठा, खतलिंग, क्यार्की बुग्याल, सहस्त्रताल, महासरताल और नागटिब्बा को चुना गया है। प्रत्येक वर्ष बड़ी संख्या में ट्रेकर इन स्थानों को देखने के लिए आते हैं, लेकिन रात को रहने, खाने की सुविधा न होने के कारण असुविधा का सामना करना पड़ता है। लेकिन अब ट्रेकिंग रूटों पर पड़ने वाले गांव को कलस्टर के रूप में चयनित किया गया हैै। इसके लिए घुत्तू, रानीडांग के छह, गंगी के 16 लोगों के आवेदन पर्यटन विभाग ने स्वीकृत किए हैं, जबकि बूढ़ाकेदार और नागटिब्बा क्षेत्र के 50 लोगों ने और आवेदन किए हैैं। यह आवेदक अपने पारंपरिक घर को पर्यटकोें को रहने के लिए मुहैया करवाएं। पर्यटन विभाग संबंधित व्यक्ति को घर के प्रत्येक कमरे की सजावट, सौंदर्यीकरण को 25-25 हजार देगा, जबकि नया कमरा बनाने के लिए 60 हजार की धनराशि देगी। ग्रामीण इन घरोें में पर्यटकों को रहने से लेकर विभिन्न प्रकार के व्यंजन भी परोसेंगे, जिसके लिए पर्यटकों से उचित धनराशि ली जाएगी।
गंगी के 16 और घुत्तू रानीडांगी के छह आवेदन पत्र स्वीकृत किए गए हैं। जिससे ग्रामीणों के आवेदन स्वीकृत किए गए हैं, उन्हें घरों का सौंदर्यीकरण और नया कमरा बनाने को कहा गया है। जबकि अन्य क्षेत्र के ग्रामीणों के आवेदनों का भी परीक्षण करवाया जा रहा है।
-सोबत सिंह राणा, जिला सहासिक खेल अधिकारी टिहरी।